प्रश्न – 21 दिसंबर, 2025 को तुर्किये द्वारा पाकिस्तान नौसेना को सौंपे गए पीएनएस खैबर (मिलगेम-श्रेणी कॉर्वेट) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। विकल्पों में से बताइए कि कौन-सा तथ्य सही नहीं है—
(a) पीएनएस खैबर मिलगेम-श्रेणी का दूसरा कॉर्वेट है, इससे पहले पीएनएस बाबर को 6 सितंबर 2024 को कमीशन किया गया था।
(b) चार मिलगेम-श्रेणी के युद्धपोतों के निर्माण का अनुबंध वर्ष 2018 में किया गया था।
(c) पीएनएस खैबर CODAG प्रणोदन प्रणाली से संचालित है और 15 नॉट्स की गति पर इसकी परिचालन सीमा लगभग 2,000 समुद्री मील है।
(d) इस परियोजना के अंतर्गत पीएनएस बेदिल और पीएनएस तारिक का निर्माण कराची शिपयार्ड में तुर्किये की सहायता से किया जा रहा है।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 21 दिसंबर, 2025 को तुर्किये ने आधिकारिक रूप से पीएनएस खैबर को पाकिस्तान नौसेना को सौंपा।
- यह मिलगेम-श्रेणी का दूसरा कॉर्वेट है, इससे पहले पीएनएस बाबर को 6 सितंबर 2024 को कमीशन किया गया था।
- इस्तांबुल नौसैनिक शिपयार्ड ने इस कॉर्वेट का निर्माण दोनों देशों के बीच तकनीक हस्तांतरण (Transfer of Technology) समझौते के तहत किया है।
- इसी परियोजना के अंतर्गत दो अन्य कॉर्वेट पीएनएस बेदिल और पीएनएस तारिक का निर्माण कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स में तुर्किये की सहायता से किया जा रहा है।
- चार मिलगेम-श्रेणी के युद्धपोतों के निर्माण का अनुबंध वर्ष 2018 में किया गया था।
- यह कॉर्वेट पूर्ण भार पर 2,888 टन का विस्थापन करता है।
- इसकी लंबाई 113 मीटर तथा चौड़ाई (बीम) 14.4 मीटर है, जिससे यह 29 नॉट्स तक की उच्च गति से संचालन करने में सक्षम है।
- यह पोत CODAG (Combined Diesel and Gas) प्रणोदन प्रणाली से संचालित है, जिसमें डीज़ल इंजन और गैस टरबाइन का संयोजन होता है।
- इसके परिणामस्वरूप यह जहाज 15 नॉट्स की गति पर 3,500 समुद्री मील से अधिक की परिचालन सीमा प्राप्त करता है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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