प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
1.6 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों ने एक रिकॉर्ड स्थापित किया है।
2.नासा (NASA) के आर्टेमिस-II (Artemis II) मिशन के तहत चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 248,655 मील की दूरी तय कर ली, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान की अब तक की सबसे अधिक दूरी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a)1 और 2 दोनों (b) केवल 1
(c) केवल 2 (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 6 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों ने एक रिकॉर्ड स्थापित किया है।
- नासा (NASA) के आर्टेमिस-II (Artemis II) मिशन के तहत चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 248,655 मील की दूरी तय कर ली, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान की अब तक की सबसे अधिक दूरी है।
- इससे पहले यह रिकॉर्ड 1970 के अपोलो-13 (Apollo 13) मिशन के नाम था।
- उल्लेखनीय है कि अपने सबसे दूर वाले बिंदु पर ओरायन (Orion) अंतरिक्ष यान में मौजूद दल लगभग 252,756 मील की दूरी तय करेगा, और फिर पृथ्वी की ओर लौटना शुरू करेगा।
- यह मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का पहला मानवयुक्त मिशन है।
- इस मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्रियों में रीड वाइसमैन (Reid Wiseman), विक्टर ग्लोवर (Victor Glover), क्रिस्टीना कोच (Christina Koch), और जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen) – कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) से शामिल है
- 1 अप्रैल को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट द्वारा ओरायन अंतरिक्ष यान का सफल प्रक्षेपण किया गया।
- यह मिशन चंद्रमा की सतह पर भविष्य की वापसी और वहां स्थायी Moon Base (मून बेस) स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इस यात्रा के दौरान दल ने चंद्रमा के दो क्रेटरों (craters) के नाम सुझाए जिनमे पहला क्रेटर उनके अंतरिक्ष यान “इंटीग्रिटी (Integrity)” के नाम पर रखा गया तथा दूसरा क्रेटर रीड वाइसमैन की दिवंगत पत्नी “कैरोल (Carroll)” के सम्मान में नामित किया गया।
- मिशन पूरा होने के बाद इन नाम प्रस्तावों को अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (International Astronomical Union – IAU) को औपचारिक रूप से भेजा जाएगा।
- उल्लेखनीय ही कि जब अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास से गुजरेंगे, तब वे उसकी सतह से लगभग 4,067 मील की न्यूनतम दूरी पर होंगे।
- वे ऐसे पहले इंसान होंगे जो चंद्रमा के सुदूर भाग (far side of the Moon) के कुछ हिस्सों को अपनी आंखों से देखेंगे साथ ही वे एक सूर्यग्रहण (solar eclipse) भी देखेंगे, जब चंद्रमा सूर्य के सामने से गुजरेगा।
- चंद्रमा के पास से गुजरते समय कई कैमरे उसकी तस्वीरें लेंगे, जिनमें ऐसी विशेषताएं भी शामिल होंगी जिन्हें इंसानों ने पहले सीधे नहीं देखा है।
- नासा के अनुसार, इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री स्वयं एक महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण की तरह कार्य कर रहे हैं, क्योंकि उनकी आंखें चंद्र सतह की बनावट, प्रकाश और संरचना का सूक्ष्म अवलोकन करेंगी।
- मिशन से प्राप्त फोटो, वीडियो, टेलीमेट्री (telemetry) और संचार संबंधी जानकारी भविष्य के आर्टेमिस मिशनों के लिए उपयोगी डेटा प्रदान करेगी।
- यह डेटा नासा को उसके प्रस्तावित Moon Base के विकास में मदद करेगा।
- इन मिशनों का उद्देश्य वैज्ञानिक खोज (scientific discovery), आर्थिक लाभ (economic benefits), चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति और अंततः मंगल ग्रह (Mars) पर मानव मिशन की तैयारी है।
लेखक- नवनीत सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.nasa.gov/news-release/nasa-welcomes-record-setting-artemis-ii-moonfarers-back-to-earth/
