प्रश्न – त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
1. 3 फरवरी, 2025 को केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने लोकसभा में ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ पेश किया।
2. इस विधेयक में भारतीय ग्रामीण प्रबंधन संस्थान (IRMA), आनंद को ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय’ के रूप में स्थापित करने और इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने का प्रावधान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल (i) (b) केवल (ii)
(c) (i) एवं (iii) दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 3 फरवरी, 2025 को केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने लोकसभा में ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ पेश किया।
- इस विधेयक में भारतीय ग्रामीण प्रबंधन संस्थान (IRMA), आनंद को ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय’ के रूप में स्थापित करने और इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने का प्रावधान है।
- यह संस्थान सहकारी क्षेत्र में तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
- यह सहकारी अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा और “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए वैश्विक उत्कृष्टता के मानकों को प्राप्त करने का प्रयास करेगा।
- विधेयक में उल्लिखित उद्देश्य और कारणों के अनुसार, यह विश्वविद्यालय सहकारी आंदोलन को मजबूती प्रदान करेगा।
- विश्वविद्यालय में विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशिष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जैसे- डेयरी, मत्स्य पालन, चीनी, बैंकिंग, ग्रामीण क्रेडिट, सहकारी वित्त, सहकारी विपणन, सहकारी लेखा, सहकारी कानून, सहकारी ऑडिट आदि।
- इसके अलावा, विश्वविद्यालय में 4-5 संबद्ध कॉलेज होंगे जो उन राज्यों में स्थापित किए जाएंगे जहां सहकारी समितियों का उच्चतम अनुपात है, और 1-2 कॉलेज उन राज्यों में होंगे जहां कम सहकारी समितियाँ हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://prsindia.org/billtrack/the-tribhuvan-sahkari-university-bill-2024
