‘डोरोनिकम सैंक्टम’—सूरजमुखी कुल की नई पादप प्रजाति

प्रश्न -हाल ही में खोजी गई पादप प्रजाति ‘डोरोनिकम सैंक्टम’ (Doronicum sanctum) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) इसकी खोज अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में की गई है।
(b) यह सूरजमुखी कुल एस्टरेसी से संबंधित है।
(c) यह पूर्वोत्तर भारत में Doronicum वंश की पहली प्रमाणित प्रजाति है।
(d) इसका नाम खोजकर्ता डॉ. विकास कुमार के सम्मान में रखा गया है।
उत्तर – (d)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • सीएसआईआर–हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IHBT), पालमपुर के शोधकर्ताओं राहुल कुमार और डॉ. विकास कुमार ने भारतीय हिमालय से पादप की एक नई प्रजाति ‘डोरोनिकम सैंक्टम’ (Doronicum sanctum) की पहचान की है।
  • यह खोज अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में की गई है।
  • यह प्रजाति सूरजमुखी कुल एस्टरेसी (Asteraceae) और Doronicum वंश से संबंधित है।
  • इस वंश के पौधों को सामान्यतः लेपर्ड्स बेन (Leopard’s bane) कहा जाता है।
  • इसे तवांग में दमतेंग जाने वाले मार्ग पर समुद्र तल से लगभग 4,086 मीटर की ऊँचाई पर पाया गया।
  • यह पूर्वोत्तर भारत में Doronicum वंश की पहली प्रमाणित प्रजाति है; भारत में इस वंश की पूर्व ज्ञात प्रजातियाँ मुख्यतः पश्चिमी हिमालय तक सीमित थीं।
  • इसका नाम ‘सैंक्टम’ निकट स्थित पवित्र चुमी ग्यात्से जलप्रपात के सम्मान में रखा गया है।
  • इस खोज का शोध-पत्र 10 अगस्त, 2026 को वैज्ञानिक पत्रिका Biologia में प्रकाशित हुआ।
  • अध्ययन को सीएसआईआर से वित्तीय सहायता तथा अरुणाचल प्रदेश वन विभाग से सर्वेक्षण अनुमति प्राप्त हुई थी।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://twitter.com/CSIR_NIScPR/status/2092835808793555332

https://clarityupsc.com/news/article/doronicum-sanctum-described-as-a-new-species-from-tawang-3958?lang=hi