प्रश्न-वर्तमान में रेलवे के पास लगभग कितने टिकट काउंटर हैं?
(a) 12,000
(b) 15,000
(c) 20,000
(d) 25,000
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य
- 2 दिसंबर, 2016 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रेलवे द्वारा आगामी छह महीनों में कैशलेस (नकदीरहित) ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने की योजना बनाई गयी है।
- रेलवे ने इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और आईसीआईसीआई समेत अन्य बैकों से रेल काउंटर्स हेतु 15,000 पीओएस (PoS: Point of Sale) मशीनें उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
- इनमें से लगभग 1000 मशीनें 31 दिसंबर तक रेलवे को उपलब्ध हो जाएंगी।
- वर्तमान में रेल टिकट काउंटरों पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान हेतु पीओएस सेवा उपलब्ध नहीं है।
- अभी रेलवे के पास लगभग 12,000 टिकट काउंटर हैं।
- इन सभी काउंटरों पर एक या अधिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी।
- प्रथम चरण में सभी शहरी केंद्रों पर यह मशीनें लगाई जाएंगी।
- इससे रेलवे के कर्मचारियों के लिए नकदी प्रबंधन में भी मदद प्राप्त होगी।
- ध्यातव्य है कि मुंबई जैसे स्थानों पर मासिक पास की बड़ी यात्रा में बिक्री होती है, ऐसे स्थानों पर शीघ्र ही यह मशीनें स्थापित की जायेंगी।
- रेल मंत्रालय की योजना अपने वेन्डर्स और ठेकेदार को भी कैशलेस भुगतान करने की है।
- रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा शीघ्र ही अधिसूचना जारी कर यह निर्देश दिया जाएगा कि रेलवे के सभी जोनल और डिवीजनल ऑफिस के खर्चों हेतु कैशलेस भुगतान किया जाएगा।
- ध्यातव्य है कि रेलवे के पास पहले ही अपने भाड़ा संग्रह का 95 प्रतिशत कैशलेस है, किन्तु आरक्षित श्रेणी में यह केवल 55 प्रतिशत है।
- अनारक्षित वर्ग और मासिक पास की बिक्री शत-प्रतिशत नगद भुगतान के माध्यम से होती है, क्योंकि इसके लिए कार्ड से भुगतान की अनुमति नहीं है।
- आईआरसीटीसी के द्वारा रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग पर सर्विस चार्ज 31 दिसंबर तक समाप्त कर दिया गया है।
http://irctc-co.in/indian-railways/railway-ticketing-go-digital-cashless-transaction-railway-stations/7110
http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/demonetisation-12000-train-ticket-counters-will-go-cashless-to-make-rail-bookings-digital/articleshow/55741451.cms