टाटा पावर और आईआईटी बॉम्बे के मध्य साझेदारी

प्रश्न – टाटा पावर और आईआईटी बॉम्बे के बीच हस्ताक्षरित मास्टर रिसर्च एग्रीमेंट (MRA) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) समझौते पर 17 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर किए गए।
(b) इसका उद्देश्य प्रयोगशाला-स्तरीय ऊर्जा नवाचारों के विस्तार और व्यावसायीकरण में तेजी लाना है।
(c) साझेदारी के अंतर्गत स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कार्बन कैप्चर जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान किया जाएगा।
(d) यह समझौता केवल परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी के विकास के लिए किया गया है।
उत्तर – (d)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 17 अगस्त, 2026 को टाटा पॉवर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने मास्टर रिसर्च एग्रीमेंट (MRA) पर हस्ताक्षर किए।
  • इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रौद्योगिकियों तथा उन्नत स्वच्छ ऊर्जा समाधानों से जुड़े प्रयोगशाला-स्तरीय नवाचारों को बड़े पैमाने पर विकसित करने और उनका व्यावसायीकरण तेज करने के उद्देश्य से की गई दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत है।
  • आईआईटी बॉम्बे परिसर में आयोजित कार्यक्रम में टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. प्रवीर सिन्हा और आईआईटी बॉम्बे के डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. श्रीकृष्ण वी. कुलकर्णी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • यह साझेदारी आईआईटी बॉम्बे की उत्कृष्ट अनुसंधान क्षमता और टाटा पावर के औद्योगिक अनुभव को एक मंच पर लाएगी।
  • दोनों संस्थान स्मार्ट ग्रिड, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, साइबर सुरक्षा, विद्युत प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ग्रिड प्रौद्योगिकी, कार्बन कैप्चर और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
  • इस साझेदारी का लक्ष्य अत्याधुनिक अनुसंधान को तेजी से ऐसी मापनीय और उद्योग के उपयोग योग्य प्रौद्योगिकियों में बदलना है, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में योगदान दे सकें।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.tatapower.com/news-and-media/media-releases/tata-power-and-iit-bombay-collaborate-to-accelerate-innovation-in-clean-energy-and-advanced-power-technologies

https://www.iitb.ac.in/breaking-news/iit-bombay-and-tata-power-sign-agreement-clean-energy-innovation