प्रश्न – जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 8 अप्रैल, 2026 को स्वीकृति प्रदान की।
- इस चरण में पूर्व-पश्चिम दिशा में 41 किलोमीटर लंबा मेट्रो गलियारा बनाया जाएगा।
- इस मार्ग में कुल 36 स्टेशन होंगे।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 8 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को स्वीकृति प्रदान की।
- इस चरण में 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो गलियारा निर्मित किया जाएगा।
- प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ तक के इस मार्ग में 36 स्टेशन होंगे।
- इस परियोजना की कुल लागत 13,037.66 करोड़रुपये निर्धारित की गई है।
- इसे राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा लागू किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का 50:50 संयुक्त उपक्रम है।
- जयपुर मेट्रो का दूसरा चरण शहर के प्रमुख गतिविधि केंद्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
- इनमें सितापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल एवं स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर शामिल हैं।
- परियोजना में एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
- यह नया कॉरिडोर मौजूदा फेज-1 से इंटरचेंज और फीडर सिस्टम के माध्यम से जुड़कर जयपुर में एक एकीकृत और सतत मेट्रो नेटवर्क सुनिश्चित करेगा।
- वर्तमान में जयपुर मेट्रो का पहला चरण, जो 11.64 किलोमीटर लंबा है, पर प्रतिदिन औसतन 60,000 यात्री सफर करते हैं।
- दूसरे चरण के चालू होने के बाद मेट्रो नेटवर्क की यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।
- इस परियोजना का विभिन्न स्तरों पर व्यापक मूल्यांकन किया गया है, जिसमें अंतर-मंत्रालयी परामर्श, नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की समीक्षा और पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड का परीक्षण शामिल है।
- परियोजना का आर्थिक आंतरिक प्रतिफल दर (EIRR) निर्धारित सीमा 14 प्रतिशत से अधिक है, जो इसकी मजबूत सामाजिक-आर्थिक उपयोगिता को दर्शाता है।
- वित्तपोषण की व्यवस्था भारत सरकार और राजस्थान सरकार की इक्विटी सहायता, अधीनस्थ ऋण तथा बहुपक्षीय वित्तपोषण के माध्यम से की जाएगी, जैसा कि मेट्रो रेल नीति, 2017 में प्रावधान है।
- यह परियोजना राजस्थान सार्वजनिक परिवहन-केंद्रित विकास नीति-2025, प्रस्तावित महानगरीय परिवहन प्राधिकरण सुधार और राष्ट्रीय सतत शहरी परिवहन उद्देश्यों के अनुरूप है।
- इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- जयपुर में मेट्रो प्रणाली का प्रथम चरण पहले से संचालित है।
- पूर्व-पश्चिम गलियारे में मानसरोवर से बड़ी चौपर तक 11.64 किलोमीटर के इसके मार्ग में 11 स्टेशन हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2250040®=3&lang=2
https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/cabinet-approves-jaipur-metro-project-phase-2
