चेन्नई में जलापूर्ति एवं स्वच्छता सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए भारत और एडीबी के मध्य ऋण समझौता

प्रश्न – चेन्नई जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा एवं सीवरेज परियोजना’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए —

  1. भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने इस परियोजना के लिए 230 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  2. परियोजना के अंतर्गत 170 किलोमीटर से अधिक लंबी जलापूर्ति एवं सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।
  3. इसके अंतर्गत सात जल पंपिंग स्टेशनों तथा 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा।
  4. इस परियोजना के माध्यम से चेन्नई व्यापक ‘रिंग-मेन समाधान’ लागू करने वाला भारत का पहला शहर बनेगा।
    उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2
    (b) केवल 2 और 3
    (c) केवल 1, 2 और 3
    (d) उपर्युक्त सभी
    उत्तर – (d)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 21 अगस्त, 2026 को भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चेन्नई की जलापूर्ति एवं स्वच्छता अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 230 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA) के उपसचिव सौरभ सिंह तथा एडीबी की ओर से भारत निवासी मिशन की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका (M10 Oka) ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • इस ऋण से ‘चेन्नई जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा एवं सीवरेज परियोजना’ का क्रियान्वयन किया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य चेन्नई में सुरक्षित एवं विश्वसनीय जलापूर्ति तथा बेहतर स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है।
  • इस परियोजना से शहर की जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता मजबूत होगी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं जीवन-गुणवत्ता में सुधार आएगा।
  • इस परियोजना के अंतर्गत 170 किलोमीटर से अधिक लंबी जलापूर्ति और सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।
  • सात जल पंपिंग स्टेशनों तथा 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा।
  • प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों के माध्यम से जल उपयोगिता परिसंपत्तियों एवं परिचालन प्रबंधन को भी मजबूत बनाया जाएगा।
  • इस परियोजना के माध्यम से चेन्नई व्यापक ‘रिंग-मेन समाधान’ लागू करने वाला भारत का पहला शहर बनेगा।
  • एडीबी वास्तविक समय निगरानी, आँकड़ा-आधारित निर्णय और बेहतर उपभोक्ता सेवाओं के माध्यम से जल एवं स्वच्छता सेवाओं के डिजिटलीकरण में सहयोग करेगा।
  • परियोजना में सीवरों के जोखिमपूर्ण मानव निरीक्षण को समाप्त करने, अवरोधों का तेजी से पता लगाने तथा सफाईकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त, ग्रेटर चेन्नई के कम-से-कम दो क्षेत्रों के वितरण नेटवर्क को भावी निवेश के लिए तैयार किया जाएगा।
  • यह परियोजना ‘अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0’ (AMRUT 2.0) तथा ‘शहरी चुनौती कोष’ जैसी भारत सरकार की प्रमुख शहरी विकास पहलों के अनुरूप है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2301883&reg=48&lang=2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *