चुनिंदा UPI व्यापारी लेनदेन पर संशोधित MDR व्यवस्था

प्रश्न – संशोधित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. 2,000रुपये से अधिक के सामान्य व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा।
  2. व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन राशि की सीमा के बिना निःशुल्क बने रहेंगे।
  3. P2PM श्रेणी के पात्र छोटे व्यापारियों से 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर भी MDR नहीं लिया जाएगा।
    उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2
    (b) केवल 2 और 3
    (c) केवल 1 और 3
    (d) 1, 2 और 3
    उत्तर – (d)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 15 सितंबर, 2026 को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी UPI लेनदेन के लिए संशोधित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate–MDR) व्यवस्था जारी की।
  • यह व्यवस्था 15 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगी।
  • इसके अंतर्गत 2,000 रुपये से अधिक के सामान्य व्यक्ति-से-व्यापारी (Person-to-Merchant–P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा।
  • MDR ग्राहक द्वारा दिया जाने वाला शुल्क नहीं है।
  • इसे व्यापारी भुगतान व्यवस्था के अंतर्गत व्यापारी वहन करेगा।
  • व्यापारियों को MDR का भार ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं होगी।
  • 75,000 रुपये या उससे अधिक के व्यक्‍ति-से-व्यक्‍ति P2M लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा300 रुपये प्रति लेनदेन होगी।
  • 2,000 रुपये तक के सभी P2M लेनदेन MDR से मुक्त रहेंगे।
  • व्यक्ति-से-व्यक्ति अर्थात् P2P लेनदेन, राशि चाहे जितनी हो, पूरी तरह निःशुल्क बने रहेंगे।
  • UPI ऐप प्रदाताओं को ग्राहकों से प्लेटफॉर्म शुल्क या किसी अन्य प्रकार का छिपा हुआ शुल्क लेने की अनुमति नहीं होगी।
    ० छोटे व्यापारियों के लिए छूट
  • P2PM श्रेणी में आने वाले छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी विक्रेता और स्थानीय दुकानदार MDR से मुक्त रहेंगे।
  • इस श्रेणी में UPI QR कोड के माध्यम से प्रतिमाह 1 लाख रुपये तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी शामिल हैं।
  • ऐसे व्यापारियों के लिए एक भुगतान 2,000 रुपये से अधिक होने पर भी शून्य MDR की सुविधा बनी रहेगी।
    ० विशेष क्षेत्रों के लिए रियायती MDR
  • रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि आदानों जैसे आवश्यक एवं कम लाभ-मार्जिन वाले क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 5 रुपये प्रति लेनदेन का निश्चित MDR लगेगा।
  • म्यूचुअल फंड, प्रतिभूतियों, स्टॉक ब्रोकरों और डीलरों से संबंधित पूँजी बाजार लेनदेन पर 0.02% MDR लागू होगा।
  • इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन होगी।
  • UPI AutoPay तथा आवर्ती भुगतान इस निर्धारित MDR व्यवस्था के अंतर्गत नहीं आएँगे।
  • UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड और पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन वाले भुगतान अलग नियमों के अधीन रहेंगे।
    ० व्यवस्था का प्रभाव एवं उद्देश्य
  • वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था केवल लगभग 4% P2M लेनदेन को प्रभावित करेगी; लगभग 96% व्यापारी लेनदेन MDR से अप्रभावित रहेंगे।
  • MDR कोई कर नहीं है और न ही इसे सरकार अथवा NPCI अपने लिए एकत्र करेगा।
  • इससे प्राप्त राशि का वितरण बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और UPI ऐप प्रदाताओं सहित भुगतान तंत्र के भागीदारों के बीच किया जाएगा।
  • कुल MDR संग्रह की 5% राशि के बराबर एक समर्पित कोष बनाया जाएगा, जिसका उपयोग छोटे व्यापारियों के बीच UPI का विस्तार करने में किया जाएगा।
  • इस व्यवस्था का उद्देश्य UPI भुगतान अवसंरचना की मजबूति साइबर सुरक्षा, नवाचार तथा ग्राहक सेवाओं को मजबूत करते हुए इसे दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाना है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://bfsi.economictimes.indiatimes.com/articles/upi-mdr-what-changes-from-october-15-heres-what-merchants-and-consumers-need-to-know/134275850

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