प्रश्न – 19 अगस्त, 2026 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा स्वीकृत रेल मंत्रालय की मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के आठ जिलों को कवर करेंगी।
- इनकी योजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई है।
- इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष लगभग 76 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता उपलब्ध होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 19 अगस्त, 2026 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की।
- लगभग 9,450 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- स्वीकृत परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच 173 किलोमीटर लंबी खड़गपुर–भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन, ओडिशा में 75 किलोमीटर लंबी भद्रक–हरिदासपुर चौथी लाइन, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच 90 किलोमीटर लंबी गुम्मिडिपुंडी–गुडुर तीसरी एवं चौथी लाइन तथा ओडिशा में 72 किलोमीटर लंबी कटक–पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी एवं चौथी लाइन शामिल हैं।
- ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों को कवर करेंगी।
- इनके पूरा होने से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
- साथ ही, करीब 6,448 गांवों और लगभग 60 लाख लोगों की रेल कनेक्टिविटी में सुधार होने की संभावना है।
- इन परियोजनाओं की योजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई है।
- प्रस्तावित रेलमार्ग कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा एवं इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न जैसी महत्त्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं।
- क्षमता विस्तार के बाद भारतीय रेल को प्रतिवर्ष लगभग 76 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी।
- इनके माध्यम से कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, चांदीपुर तथा तलसारी–उदयपुर समुद्र तट और ललितगिरि बौद्ध स्थल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी
- अनुमान है कि इनके कारण लगभग 13 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 65 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी।
- यह उत्सर्जन-कटौती लगभग 2.60 करोड़ वृक्ष लगाने के बराबर मानी गई है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2301171®=48&lang=2
https://ddnews.gov.in/en/cabinet-approves-four-railway-multitracking-projects-worth-rs-9450-crore