ग्रामीण विकास मंत्रालय– पीसीआई इंडिया के मध्य समझौता

ग्रामीण विकास मंत्रालय– पीसीआई इंडिया के मध्य समझौता

प्रश्न – ग्रामीण विकास मंत्रालय और पीसीआई इंडिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन के संबंध में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) समझौते पर 29 जुलाई 2026 को हस्ताक्षर किए गए।
(b) यह समझौता तीन वर्षों के लिए किया गया है।
(c) समझौते में पीसीआई इंडिया को सरकारी अनुदान देने का प्रावधान है।
(d) यह सहयोग डीएवाई-एनआरएलएम के माध्यम से किया गया है।
उत्तर – (c)

व्याख्यात्मक उत्तर

  • 29 जुलाई 2026 को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के माध्यम से प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) इंडिया के साथ तीन वर्षीय गैर-वित्तीय समझौता – ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • इसका उद्देश्य सार्वजनिक खरीद और बाजार-संबद्ध उद्यम विकास के जरिए महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों, विशेषकर स्वयं सहायता समूह आधारित उद्यमों, को मजबूत करना है।
  • यह सहयोग 2026-2029 तक लागू रहेगा तथा इसमें कोई फंड ट्रांसफर नहीं होगा; दोनों पक्ष अपनी गतिविधियों का खर्च स्वयं वहन करेंगे।
  • यह सहयोग 2022 से जारी पहल को औपचारिक रूप देता है।
  • समझौते के तहत डीएवाई-एनआरएलएम में सार्वजनिक खरीद एवं व्यवसाय मॉडल समर्थन के लिए राष्ट्रीय संसाधन सेल स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • उल्‍लेखनीय है कि इसमें पीसीआई इंडिया तकनीकी सहयोग देगा।
  • इस साझेदारी के अंतर्गत उद्यम इनक्यूबेशन फ्रेमवर्क, एसओपी, परिचालन टूलकिट और क्षमता निर्माण मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे।
  • साथ ही GeM पंजीकरण, निविदा भागीदारी, गुणवत्ता मानक, दस्तावेजीकरण और खरीद अनुपालन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • वित्त वर्ष 2026-27 में असम, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को प्राथमिक तकनीकी सहायता मिलेगी।
  • यह पहल सतत उद्यम मॉडल, नवीकरणीय ऊर्जा, बाजार संपर्क और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी।
  • यह 6 करोड़ लखपति दीदियों के राष्ट्रीय लक्ष्य, विकसित भारत 2047 और नेट जीरो उद्देश्यों के अनुरूप है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2291267&reg=48&lang=2