‘खगांतक-243’ लंबी दूरी के ग्लाइड बम का सफल ड्रॉप परीक्षण

प्रश्न – ‘खगांतक-243’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए —

  1. यह स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लंबी दूरी का ग्लाइड बम है।
  2. भारतीय वायुसेना ने 2 सितंबर, 2026 को इसका सफल ड्रॉप परीक्षण किया।
  3. यह लड़ाकू विमान को स्टैंड-ऑफ दूरी से जमीनी लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता प्रदान करता है।
  4. यह लक्ष्य तक पहुँचने के लिए केवल रॉकेट प्रणोदन का उपयोग करता है।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2
    (b) केवल 2 और 4
    (c) केवल 1, 2 और 3
    (d) 1, 2, 3 और 4
    उत्तर – (c)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 2 सितंबर, 2026 को भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लंबी दूरी के ग्लाइड बम (Long Range Glide Bomb—LRGB) ‘खगांतक-243’ का सफल ड्रॉप परीक्षण किया।
  • भारतीय वायुसेना के अनुसार, परीक्षण के लिए निर्धारित सभी उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए।
  • लंबी दूरी का ग्लाइड बम विमान से छोड़ा जाने वाला सटीक-निर्देशित हथियार होता है।
  • यह वायुगतिकीय लिफ्ट की सहायता से लक्ष्य की ओर ग्लाइड करता है।
  • ऐसे हथियार लड़ाकू विमानों को अपेक्षाकृत सुरक्षित ‘स्टैंड-ऑफ दूरी’ से जमीनी लक्ष्यों पर प्रहार करने की क्षमता प्रदान करते हैं।
  • ‘खगांतक-243’ का सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी सटीक प्रहार क्षमता को सुदृढ़ करने और रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है।
  • भारत सरकार के रक्षा सार्वजनिक उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने भी लंबी दूरी के निर्देशित बमों को अपने हथियार एवं गोला-बारूद क्षेत्र के उत्पादों में शामिल किया है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://economictimes.indiatimes.com/news/defence/iaf-tests-indigenous-khagantak-243-glide-bomb-all-about-indias-new-stand-off-strike-weapon/articleshow/133724090.cms?utm