प्रश्न – फरवरी 2026 में केरल सरकार द्वारा ज्वारीय बाढ़ (Tidal Flooding) को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित करने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
- ज्वारीय बाढ़ को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित करने वाला केरल भारत का पहला राज्य है।
- ज्वारीय बाढ़ से प्रभावित लोगों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- ज्वारीय बाढ़ मुख्यतः चक्रवातों द्वारा उत्पन्न तूफानी लहरों के कारण होती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- फरवरी, 2026 में केरल सरकार ने अपने तटीय क्षेत्रों में बार-बार होने वाली ज्वारीय बाढ़ को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
- यह देश में पहली बार है कि किसी राज्य ने ज्वार-भाटे से आई बाढ़ को राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित किया है।
- सरकार प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता के समान ही, ज्वार-भाटे के कारण आई बाढ़ के पीड़ितों को भी राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
- केरल के तटीय बैकवॉटर क्षेत्रों में यह एक आम घटना है, जहां अरब सागर का जलस्तर कुछ समय के लिए एक निर्धारित सीमा से ऊपर उठ जाता है, जिससे निचले तटीय क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं।
- चक्रवात से उत्पन्न तूफानी लहरों के विपरीत, ज्वारीय बाढ़ दिन में दो बार आती है और पूर्णिमा या अमावस्या के दौरान अधिक गंभीर होती है।
- यह समस्या तब और भी जटिल हो जाती है जब मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण उत्पन्न तटीय तूफान उच्च ज्वार के साथ मिल जाते हैं, जिससे तटीय बाढ़ की गहराई और फैलाव दोनों बढ़ जाते हैं।
- यह जोखिम केरल के नौ तटीय जिलों के तटीय क्षेत्रों में विशेष रूप से चिंता का विषय है, जहां ज्वार-भाटे भी मिलकर स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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