कवच 4.0 का गुजरात के बाजवा (वडोदरा) – अहमदाबाद खंड में शुभारंभ

प्रश्न – 30 दिसंबर, 2025 को भारतीय रेलवे द्वारा गुजरात के बाजवा (वडोदरा)–अहमदाबाद रेल खंड में शुरू की गई मेड-इन-इंडिया स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच 4.0’ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) बाजवा–अहमदाबाद रेल खंड की कुल लंबाई 96 किलोमीटर है और यह गुजरात में कवच 4.0 के अंतर्गत पहला मार्ग है।
(b) इस रेल खंड में कुल 17 रेलवे स्टेशन शामिल हैं तथा 192 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है।
(c) इस परियोजना के अंतर्गत 23 टेलीकॉम टावर, 20 कवच भवन/हट और 2,872 आरएफआईडी टैग स्थापित किए गए हैं।
(d) इस मार्ग पर कवच-सक्षम पहली ट्रेन ‘संकल्प फास्ट पैसेंजर’ को डब्ल्यूडीपी-4 लोकोमोटिव और 12 आईसीएफ कोचों के साथ चलाया गया।
उत्तर – (d)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 30 दिसंबर, 2025 को भारतीय रेलवे ने भारत में निर्मित (मेड-इन-इंडिया) स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच 4.0’ को गुजरात के बाजवा (वडोदरा) – अहमदाबाद खंड में शुभारंभ किया।
  • यह 96 किलोमीटर लंबा रेल खंड गुजरात में कवच 4.0 के अंतर्गत आने वाला पहला मार्ग है।
  • इस खंड में कुल 17 रेलवे स्टेशन शामिल हैं और इसके लिए एक मजबूत तकनीकी अवसंरचना विकसित की गई है।
  • परियोजना के अंतर्गत 23 टेलीकॉम टावर, 20 कवच भवन/हट, 192 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा 2,872 आरएफआईडी टैग स्थापित किए गए हैं।
  • इस मार्ग पर कवच-सक्षम पहली ट्रेन के रूप में संकल्प फास्ट पैसेंजर (59549/59550) का संचालन किया गया, जिसे डब्ल्यूएपी-7 लोकोमोटिव (इंजन) और 11 एलएचबी कोचों के साथ चलाया गया।
  • कवच 4.0 अब इस पूरे रेल खंड पर पूरी तरह कार्यशील है।
  • यह एक उन्नत स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करना है।
  • यह प्रणाली सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) जैसी स्थितियों में स्वतः हस्तक्षेप कर दुर्घटनाओं को रोकती है।
  • इसके साथ-साथ यह स्वचालित गति नियंत्रण सुनिश्चित करती है, जिसमें सेक्शनल स्पीड, लूप लाइन स्पीड और स्थायी गति प्रतिबंधों (पीएसआर) की निगरानी शामिल है।
  • यह प्रणाली आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों से भी सुरक्षा प्रदान करती है।
  • इसके अतिरिक्त इसमें एसओएस सुविधा और लेवल क्रॉसिंग गेट पर स्वचालित सीटी जैसी विशेषताएँ भी सम्मिलित हैं।
  • देशभर में अब तक 2,200 से अधिक रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली लागू की जा चुकी है।
  • कवच भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक पूर्णतः स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली है, जिसे सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 (एसआईएल-4)) का प्रमाणन प्राप्त है।
  • यह सिग्नलिंग प्रणालियों में उपलब्ध सबसे उच्च सुरक्षा मानकों में से एक माना जाता है।
  • यह प्रणाली लोको पायलट को सहायता प्रदान करती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम है, विशेषकर खराब मौसम परिस्थितियों में।
  • परिचालन अनुभव और स्वतंत्र सुरक्षा आकलन के आधार पर अनुसन्धान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) ने कवच संस्करण 4.0 को स्वीकृति प्रदान की है।
  • यह संस्करण तकनीकी दृष्टि से पहले की तुलना में अधिक उन्नत है।
  • इसमें बेहतर लोकेशन सटीकता, जटिल स्टेशन यार्डों में उन्नत सिग्नल सूचना, स्टेशन-टू-स्टेशन ऑप्टिकल फाइबर आधारित संचार, तथा मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ प्रत्यक्ष एकीकरण जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
  • इस प्रणाली को इंडिपेंडेंट सेफ्‍टी असेसर (आईएसए) द्वारा वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित भी किया गया है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2209720&reg=3&lang=1