कर्नाटक मासिक धर्म अवकाश नीति,2025

प्रश्न – निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कर्नाटक मासिक धर्म अवकाश नीति, 2025 (Menstrual Leave Policy, 2025) के संबंध में सही नहीं है?
(a) यह नीति राज्य की सभी सरकारी एवं निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों पर लागू होगी।
(b) नीति के तहत प्रत्येक माह दो दिन का सवेतन अवकाश मिलेगा।
(c) कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार यह अवकाश मासिक या संचित रूप में ले सकती हैं।
(d) इस नीति के तहत वर्ष में अधिकतम 12 दिन का सवेतन अवकाश प्रदान किया जाएगा।
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 9 अक्टूबर, 2025 को कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कर्नाटक मासिक धर्म अवकाश नीति, 2025 (Menstrual Leave Policy,2025) को मंजूरी प्रदान की
  • इस नीति के तहत अब राज्य की सभी सरकारी और निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों को प्रत्येक माह एक दिन का सवेतन (Paid) अवकाश मिलेगा।
  • इस निर्णय के साथ, कर्नाटक अपनी मासिक धर्म अवकाश नीति में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को शामिल करने वाला पहला राज्य बन गया है।
  • ओडिशा और बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए यह नीति है, जबकि केरल ने विश्वविद्यालयों में यह नीति लागू की है।
  • कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार यह अवकाश हर माह संचित रूप में ले सकती हैं।
  • वर्ष में अधिकतम 12 दिन का सवेतन अवकाश प्रदान किया जाएगा।
  • यह नीति राज्य के सभी सरकारी और निजी संस्थानों पर लागू होगी।
  • इस नीति का उद्देश्य महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें कार्यस्थल पर अधिक अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।
  • इसके अलावा मासिक धर्म स्वास्थ्य (Menstrual Health) के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना भी है।
  • यह कदम महिलाओं के कार्यस्थल पर समानता और सम्मान को मजबूत करेगा।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.thehindu.com/news/national/karnataka/karnataka-govt-notifies-menstrual-leave-policy-with-a-days-leave-a-month/article70272362.ece