प्रश्न – ‘एमसी²+ इग्नाइट’ कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- यह आरंभिक चरण के ऊर्जा डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए छह महीने का त्वरक कार्यक्रम है।
- इसके प्रथम समूह में लगभग 30 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा।
- प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को विभिन्न चरणों में कुल 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
- आईआईटी मद्रास इसका कार्यान्वयन भागीदार है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1, 2 और 3 (d) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 19 अगस्त, 2026 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव तथा MC² फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. नीरज मित्तल ने आईआईटी मद्रास में ‘MC²+ इग्नाइट’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत आरंभिक चरण के डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए छह महीने का विशेष त्वरक कार्यक्रम है।
- MC²+ पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नेतृत्व वाला धारा-8 गैर-लाभकारी ऊर्जा नवाचार मंच है।
- इस कार्यक्रम के पहले समूह में लगभग 30 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा।
- प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 50 लाख रुपये तक परिवर्तनीय वित्तपोषण और निर्धारित उपलब्धियाँ हासिल करने पर 1.5 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सहायता अर्थात कुल 2 करोड़ रुपये तक मिल सकेंगे।
- उन्हें प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वास्तविक परिचालन स्थलों पर पायलट परीक्षण की सुविधा भी मिलेगी।
- इसके प्रमुख क्षेत्रों में एआई-आधारित उपसतही अन्वेषण, उन्नत ड्रिलिंग, रिफाइनरी प्रक्रिया, डिजिटल परिसंपत्ति प्रबंधन, संपीडित बायोगैस, हाइड्रोजन और गतिशीलता शामिल हैं।
- आईआईटी मद्रास इसका कार्यान्वयन भागीदार है, जबकि आईआईटी कानपुर, वेंचर सेंटर, सी-कैंप और आईआईएमए वेंचर्स ऊष्मायन भागीदार हैं।
- इसे एचपीसीएल, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, गेल, ऑयल इंडिया और पेट्रोनेट एलएनजी का समर्थन प्राप्त है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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