प्रश्न – एफडब्ल्यूडी सुप्रीम लाइट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए —
- यह लगभग 250 किलोग्राम वर्ग का उड़ान-प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है।
- इसका उद्देश्य प्रस्तावित ‘एफडब्ल्यूडी सुप्रीम’ की वायुगतिकीय संरचना, उड़ान-नियंत्रण व्यवस्था और स्वायत्त प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करना है।
- इसकी पहली परीक्षण उड़ान वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में प्रस्तावित है।
- ‘मॉबिंग डॉक्ट्रिन’ में अनेक एआई-संचालित विमानों को समन्वित नेटवर्क के रूप में तैनात करने की परिकल्पना की गई है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1, 2 और 3
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- अगस्त 2026 को बेंगलुरु स्थित रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस (FWDA) ने एफडब्ल्यूडी सुप्रीम लाइट का पहला वास्तविक स्वरूप एवं वीडियो जारी किया।
- यह कंपनी के प्रस्तावित कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित लड़ाकू विमान ‘एफडब्ल्यूडी सुप्रीम’ का लगभग 250 किलोग्राम वर्ग का उड़ान-प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है।
- कंपनी के अनुसार, सुप्रीम लाइट का उद्देश्य बड़े लड़ाकू विमान का संचालन करना नहीं, बल्कि उसकी वायुगतिकीय संरचना, उड़ान-नियंत्रण व्यवस्था, प्रणाली एकीकरण और स्वायत्त प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करना है।
- विमान अभी एयरफ्रेम विकास, प्रणाली एकीकरण और जमीनी परीक्षण के चरण में है।
- इसकी पहली परीक्षण उड़ान वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में प्रस्तावित है।
- यह कार्यक्रम कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास तेजस्कंद की परिकल्पना ‘मॉबिंग डॉक्ट्रिन’ पर आधारित है।
- इसमें अनेक एआई-संचालित विमानों को एक समन्वित नेटवर्क के रूप में तैनात करके संख्या, लागत और रणनीति संबंधी बढ़त प्राप्त करने की कल्पना की गई है।
- कंपनी सुप्रीम विमान परिवार के लिए रॉकेट-असिस्टेड टेक-ऑफ (RATO) क्षमता की संभावना भी तलाश रही है, जिससे भविष्य में छोटे अथवा अस्थायी प्रक्षेपण स्थलों से उड़ान भरी जा सके।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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