प्रश्न – राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- इस खंड को चार लेन मानक में उन्नत किया जाएगा।
- परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के अंतर्गत किया जाएगा।
- यह परियोजना सोनबरसा स्थित भारत–नेपाल सीमा को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 से जोड़ेगी।
- 82.578 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 2 और 3
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 19 अगस्त, 2026 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में उन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की।
- 82.578 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है।
- इसका विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के अंतर्गत किया जाएगा।
- सड़क को खंड के अनुसार 100 तथा 80 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
- यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह सोनबरसा स्थित भारत–नेपाल सीमा को एनएच-27 के पूर्व-पश्चिम गलियारे और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्र से जोड़ेगी।
- इससे मुजफ्फरपुर, रुन्नीसैदपुर, दुमरा, भुतही और सोनबरसा सहित अनेक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा।
- भिटामोर लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा-पार यात्रियों और माल की आवाजाही बढ़ने के साथ बरौनी औद्योगिक क्षेत्र तथा गंगा तट के लॉजिस्टिक्स केंद्रों से संपर्क भी सुदृढ़ होगा।
- पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह परियोजना सड़क, रेल, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के मल्टी-मॉडल एकीकरण को बढ़ावा देगी।
- इससे चार औद्योगिक एस्टेट, एक मेगा फूड पार्क, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन तथा बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर और पुनौरा धाम जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी।
- यातायात को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए परियोजना में सात प्रमुख पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है।
- इसके अतिरिक्त तीन रेलवे ओवरब्रिज तथा क्रमशः 1,170 मीटर और 270 मीटर लंबे दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
- परियोजना के पूरा होने से यात्रा समय, ईंधन खपत और वाहनों की परिचालन लागत में कमी आएगी।
- साथ ही कृषि आपूर्ति शृंखलाओं, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2301195®=48&lang=1