प्रश्न – ‘एंड-टू-एंड ऑप्टिकल नेटवर्क टेस्टबेड’ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) इसे सी-डॉट परिसर, नई दिल्ली में स्थापित किया जाएगा।
(b) इस परियोजना के लिए पाँच वर्षीय रणनीतिक समझौता किया गया है।
(c) परियोजना के पहले दो वर्षों में संचालन, रखरखाव और शैक्षणिक पहुँच कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
(d) इसमें ऑप्टिकल कोर, ऑप्टिकल एक्सेस और क्वांटम सुरक्षा प्रौद्योगिकियों को एकीकृत किया जाएगा।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 27 अगस्त, 2026 को दूरसंचार विभाग (DoT) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने स्वदेशी ऑप्टिकल संचार प्रौद्योगिकियों के लिए ‘एंड-टू-एंड ऑप्टिकल नेटवर्क टेस्टबेड’ स्थापित करने हेतु पाँच वर्षीय रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- दूरसंचार विभाग द्वारा वित्तपोषित यह टेस्टबेड सी-डॉट परिसर, नई दिल्ली में स्थापित किया जाएगा।
- इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और दूरसंचार कंपनियों द्वारा विकसित ऑप्टिकल संचार समाधानों के विकास, परीक्षण, सत्यापन और व्यावसायीकरण को गति देना है।
- यह प्रयोगशाला-स्तरीय नवाचार और बाजार में उपयोग के लिए तकनीकी तैयारी के बीच की दूरी को कम करेगा।
- टेस्टबेड में सी-डॉट की क्षेत्र-परीक्षित प्रौद्योगिकियों ऑप्टिकल कोर, ऑप्टिकल एक्सेस और क्वांटम सुरक्षा को उन्नत परीक्षण एवं मापन उपकरणों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
- यह नवाचार, कौशल विकास, क्षमता निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए साझा राष्ट्रीय संसाधन के रूप में कार्य करेगा।
- विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्योग विशेषज्ञों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
० परियोजना दो चरणों में लागू होगी—
- स्थापना चरण (वर्ष 1–2): आधारभूत संरचना और परीक्षण उपकरणों की स्थापना।
- संचालन एवं रखरखाव चरण (वर्ष 3–5): तकनीकी सहायता, अनुरक्षण और शैक्षणिक पहुँच कार्यक्रम।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2304225®=3&lang=1