उपयोगकर्ता शुल्क भुगतान को सुदृढ़ करने हेतु केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन

प्रश्न – केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 के संदर्भ में विकल्प में कौन-सा कथन सही नहीं है?
कौन-सा कथन सही नहीं है?

(a) ‘अदा न किया गया उपयोगकर्ता शुल्क’ वह स्थिति है, जब किसी वाहन का राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरना ETC प्रणाली में दर्ज हो, लेकिन देय टोल शुल्क प्राप्त न हुआ हो।
(b) संशोधित नियमों के अनुसार, किसी वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र बकाया उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान के बिना भी जारी किया जा सकता है।
(c) राष्ट्रीय परमिट के लिए आवेदन करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि उनके विरुद्ध कोई भी टोल शुल्क बकाया न हो।
(d) फॉर्म-28 में यह अनिवार्य किया गया है कि आवेदक यह घोषणा करे कि वाहन के विरुद्ध किसी टोल प्लाजा पर बकाया उपयोगकर्ता शुल्क लंबित है या नहीं।
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 20 जनवरी, 2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्‍लाजाओं पर उपयोगकर्ता शुल्‍क भुगतान के अनुपालन को सुदृढ़ करने तथा इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026’ अधिसूचित किए हैं।
  • इन नियमों के माध्यम से केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जिनका मूल उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर उपयोगकर्ता शुल्क चोरी को हतोत्साहित करना, टोल संग्रह की दक्षता बढ़ाना तथा भविष्य की बाधा-रहित टोलिंग प्रणाली के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है।
  • इन संशोधनों के अंतर्गत पहली बार ‘अदा न किए गए उपयोगकर्ता शुल्क’ की एक स्पष्ट परिभाषा जोड़ी गई है।
  • इसके अनुसार, यदि किसी वाहन की राष्ट्रीय राजमार्ग के किसी खंड से गुजरने की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ETC) प्रणाली द्वारा दर्ज की जाती है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत देय उपयोगकर्ता शुल्क प्राप्त नहीं होता, तो उसे अदा न किया गया उपयोगकर्ता शुल्क माना जाएगा।
  • यह परिभाषा डिजिटल टोलिंग के युग में शुल्क-अनुपालन को कानूनी रूप से स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • संशोधित नियमों के तहत अदा न किए गए उपयोगकर्ता शुल्क के भुगतान को वाहन संबंधी प्रमुख सेवाओं से जोड़ दिया गया है।
  • अब किसी वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण या एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तब तक जारी नहीं किया जाएगा, जब तक संबंधित वाहन पर बकाया उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
  • इसी प्रकार, फिटनेस प्रमाण पत्र का निर्गमन या नवीनीकरण भी बकाया टोल शुल्क के भुगतान से जोड़ा गया है।
  • इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय परमिट के लिए आवेदन करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि उनके विरुद्ध कोई भी उपयोगकर्ता शुल्क बकाया न हो।
  • इन परिवर्तनों के अनुरूप फॉर्म-28 में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं।
  • अब आवेदकों को यह जानकारी देना अनिवार्य होगा कि संबंधित वाहन के विरुद्ध किसी टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क की कोई बकाया मांग लंबित है या नहीं, तथा यदि है, तो उसका विवरण क्या है।
  • डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हुए नियमों में यह प्रावधान भी किया गया है कि फॉर्म-28 के प्रासंगिक भागों को निर्दिष्ट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जा सकेगा।
  • उल्लेखनीय है कि फॉर्म-28, वाहन के स्वामित्व को किसी अन्य राज्य या जिले में स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो यह प्रमाणित करता है कि वाहन पर कोई कर, चालान या कानूनी विवाद लंबित नहीं है।
  • ये संशोधन विशेष रूप से मल्टी-लेन फ्री फ्‍लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली के क्रियान्वयन के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
  • इनका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर बाधा-रहित, संपर्क-रहित और प्रौद्योगिकी-आधारित टोल संग्रह को सुनिश्चित करना है।
  • गौरतलब है कि इन नियमों का निर्माण परामर्शात्मक प्रक्रिया के तहत किया गया।
  • 11 जुलाई 2025 को मसौदा नियमों को राजपत्र के माध्यम से प्रकाशित किया गया और 14 जुलाई 2025 को इन्हें आम जनता के लिए उपलब्ध कराया गया।
  • हितधारकों तथा नागरिकों से प्राप्त सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद केंद्र सरकार ने संशोधित नियमों को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया।
  • समग्र रूप से, ये संशोधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रौद्योगिकी-संचालित टोलिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायता प्रदान करेंगे तथा देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सतत विकास और प्रभावी रखरखाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखे जा सकते हैं।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2216507&reg=3&lang=1