प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए –
- 12 फरवरी,2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) को नए आधार वर्ष 2024 = 100 के साथ जारी किया
- 2012 से 2024 तक घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के आधार पर संशोधित किया गया है
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 12 फरवरी,2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) को नए आधार वर्ष 2024 = 100 के साथ जारी किया
- वस्तुओं की सूची और उनके भार घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023–24 पर आधारित हैं।
- यह संशोधन मुद्रास्फीति के मापन में अधिक व्यापकता और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
- इस परिवर्तन के परिणामस्वरूप अधिक विस्तृत और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिससे नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों, व्यवसायों व आम नागरिकों को सटीक तथा डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
- नया क्या है-
- 2012 से 2024 तक घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के आधार पर संशोधित किया गया है।
- उद्देश्य के अनुसार व्यक्तिगत उपभोग के वर्गीकरण (सीओआईसीओपी) वर्ष 2018 के अनुसार 6 समूहों के स्थान पर 12 प्रभाग बनाए गए हैं।
- ग्रामीण, शहरी और संयुक्त क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय तथा राज्य स्तरीय मद सूचकांक जारी किए गए हैं।
- नए जुड़ी वस्तुएं: ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया सेवा प्रदाता/स्ट्रीमिंग सेवाएं, मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद, जौ एवं उसके उत्पाद, पेन-ड्राइव तथा बाहरी हार्ड डिस्क, परिचारक, बेबीसिटर और व्यायाम उपकरण।
- हटाए गए मद: वीसीआर/वीसीडी/डीवीडी प्लेयर और किराया शुल्क, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, पुराने कपड़े, सीडी/डीवीडी ऑडियो/वीडियो कैसेट और नारियल/रस्सी।
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या है?-
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का उद्देश्य समय के साथ चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं की खुदरा कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को मापना है, जिन्हें परिवार उपभोग के उद्देश्य से खरीदते हैं।
- सीपीआई का उपयोग करके मुद्रास्फीति की गणना कैसे की जाती है?-
- मुद्रास्फीति की गणना सीपीआई में वर्ष-दर-वर्ष प्रतिशत परिवर्तन के रूप में की जाती है।
- आधार वर्ष क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?-
- आधार वर्ष एक चयनित वर्ष होता है जिसे समय के साथ कीमतों की तुलना करने के लिए संदर्भ बिंदु (सूचकांक = 100) के रूप में लिया जाता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कीमतों में वृद्धि या कमी को मापने में मदद मिलती है और मुद्रास्फीति के आंकड़े प्रासंगिक और समझने में आसान रहते हैं।
लेखक- विवेक त्रिपाठी
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2227353®=3&lang=2
