प्रश्न – उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों के संबंध में सितंबर 2026 में घोषित निर्णयों पर विचार कीजिए —
- पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की घोषणा की गई।
- मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद मानदेय डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- पंचायत सहायक को हटाने का अंतिम निर्णय ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव संयुक्त रूप से करेंगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 16 सितंबर, 2026 को उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रदेश के 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों की मांगों के संबंध में कई निर्णयों की घोषणा की।
- यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विचार-विमर्श के बाद लखनऊ में आंदोलनरत पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से वार्ता की।
- पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की घोषणा की गई।
- प्रस्तावित वृद्धि 3,000 रुपये अर्थात् 50 प्रतिशत है।
- वर्तमान में पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से ग्राम पंचायत स्तर पर दिया जाता है।
- प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद मानदेय प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer—DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- पंचायत सहायकों को मनमाने तरीके से हटाए जाने पर रोक लगाने के लिए सेवा-सुरक्षा संबंधी व्यवस्था में परिवर्तन करने की घोषणा की गई।
- इसके अनुसार ग्राम प्रधान अथवा पंचायत सचिव अपने स्तर पर किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे।
- किसी पंचायत सहायक को पद से हटाने का निर्णय जाँच के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
- महिला पंचायत सहायकों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश प्रदान करने की घोषणा की गई।
- पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।
- आंदोलन के दौरान हटाए गए पंचायत सहायकों को पुनः बहाल करने तथा उनके विरुद्ध दर्ज आंदोलन-संबंधी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की गई।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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