प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- मार्च 2026 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने सेलेस्ट इन-ऑर्बिट डेमोंस्ट्रेशन मिशन के पहले दो उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण के साथ उपग्रह नेविगेशन में एक महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
- इन उपग्रहों को न्यूजीलैंड से रॉकेट लैब के इलेक्ट्रॉन रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) 1 और 2 दोनों (b) केवल 1
(c) केवल 2 (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- ESA ने ‘सेलेस्टे’ मिशन के पहले दो उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया।
- 28 मार्च 2026 को इनका प्रक्षेपण न्यूज़ीलैंड के Mohina Launch Complex से किया गया।
- इन उपग्रहों के नाम सेलेस्टे IOD-1 और IOD-2 हैं।
- उल्लेखनीय है कि इनका लॉन्च रॉकेट लैब के इलेक्ट्रॉन रॉकेट से किया गया।
- प्रक्षेपण के लगभग एक घंटे बाद दोनों उपग्रह लॉन्चर से सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गए।
- इन उपग्रहों का निर्माण जीएमवी और थेल्स एलेनिया स्पेस ने किया है।
- सेलेस्टे मिशन का उद्देश्य गैलीलियो नेविगेशन प्रणाली को अतिरिक्त सहयोग देना है।
- गैलीलियो उपग्रह मध्यम पृथ्वी कक्षा (MEO) में कार्य करते हैं।
- सेलेस्टे उपग्रह निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में संचालित होंगे।
- LEO में होने के कारण सेलेस्टे उपग्रह अधिक मजबूत सिग्नल प्रदान करेंगे।
- सेलेस्टे मिशन के माध्यम से नई तकनीकों, संकेतों और सेवाओं का परीक्षण किया जाएगा।
- ये उपग्रह एल-बैंड और एस-बैंड आवृत्तियों पर कार्य करेंगे।
- इन आवृत्तियों का उपयोग ITU मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
- यह मिशन “न्यू स्पेस” दृष्टिकोण पर आधारित है।
- न्यू स्पेस दृष्टिकोण से उपग्रहों का तेज और लचीला प्रक्षेपण संभव होता है।
- इस मिशन के तहत 2027 तक कुल 11 उपग्रह विकसित करने की योजना है।
- सेलेस्टे प्रणाली का उपयोग स्वचालित वाहनों में किया जाएगा।
- इसका उपयोग विमानन और समुद्री नेविगेशन में भी होगा।
- यह आपदा प्रबंधन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के क्षेत्र में भी उपयोगी होगी।
- ESA यूरोप के अंतरिक्ष मिशनों का संचालन करने वाली प्रमुख एजेंसी है।
- गैलीलियो यूरोप की वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट प्रणाली है, जो GPS के समान है।
- एल-बैंड और एस-बैंड का उपयोग सैटेलाइट संचार और नेविगेशन में व्यापक रूप से किया जाता है।
- सेलेस्टे मिशन यूरोप की भविष्य की उन्नत नेविगेशन प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- यह मिशन वैश्विक स्तर पर अधिक सटीक और विश्वसनीय सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाएगा।
लेखक- नवनीत सिंह
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