इबोला का प्रकोप अंतर्राष्ट्रीय महत्व का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित

प्रश्न – बुंडीबुग्यो स्ट्रेन इबोला रोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

  1. यह इबोला वायरस रोग का एक स्वरूप है।
  2. यह वायरल रक्तस्रावी बुखार से संबंधित है।
  3. इसके संक्रमण में मानव-से-मानव संचरण की संभावना नहीं होती।
  4. इसकी मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है।
    उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
    (a) केवल 1, 2 और 4
    (b) केवल 1 और 3
    (c) केवल 2, 3 और 4
    (d) 1, 2, 3 और 4
    उत्तर – (a)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा तथा इनके सीमावर्ती क्षेत्रों में इबोला रोग के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़े कथित प्रकोपों के मद्देनज़र वैश्विक स्वास्थ्य चिंता बढ़ गई है।
  • 17 मई 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम, 2005 के अंतर्गत इस स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
  • – इसके साथ ही अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने भी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुंडीबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के मौजूदा प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई 2026 को अस्थायी सिफारिशें जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की निगरानी को सुदृढ़ करने पर बल दिया है।
  • विशेष रूप से, ऐसे यात्रियों की पहचान, जांच, रिपोर्टिंग और प्रबंधन की अनुशंसा की गई है, जिनमें अस्पष्टीकृत बुखार जैसे लक्षण पाए जाते हैं और जो बुंडीबुग्यो वायरस से प्रभावित क्षेत्रों से आए हों।
  • समिति ने प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा को हतोत्साहित करने की भी सलाह दी है।
  • डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा की सीमा से लगे देशों, विशेषकर दक्षिण सूडान, में इस रोग के प्रसार का जोखिम अधिक माना जा रहा है।
  • इबोला रोग एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जो बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से उत्पन्न होता है।
  • यह बीमारी अत्यधिक घातक मानी जाती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है।
  • वर्तमान में बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग की रोकथाम या उपचार के लिए कोई स्वीकृत टीका अथवा विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है।
  • भारत में अब तक बुंडीबुग्यो वायरस स्ट्रेन से जुड़े इबोला रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
  • फिर भी, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और अन्य प्रभावित देशों में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुरूप, भारत सरकार सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देती है कि वे अगली सूचना तक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://news.un.org/en/story/2026/05/1167531

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *