प्रश्न – – इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ईपीएल लिमिटेड में विलय के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 26 मई, 2026 को इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ईपीएल लिमिटेड में विलय को मंजूरी दी।
(b) प्रस्तावित संयोजन में इंडोविदा इंडिया का ईपीएल लिमिटेड में विलय समावेशन के माध्यम से होगा।
(c) विलय के बाद इंडोविदा इंडिया परिणामी कंपनी के रूप में कार्य करेगी।
(d) विलय के बदले ईपीएल लिमिटेड इंडोविदा इंडिया के शेयरधारकों को अपने शेयर जारी करेगी।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 26 मई, 2026 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ईपीएल लिमिटेड में विलय को मंजूरी प्रदान की।
- प्रस्तावित संयोजन के तहत इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ईपीएल लिमिटेड में विलय समावेशन (absorption) के माध्यम से किया जाएगा।
- इस विलय के बाद ईपीएल लिमिटेड परिणामी कंपनी के रूप में कार्य करेगी।
- विलय के बदले ईपीएल लिमिटेड, इंडोविदा इंडिया के शेयरधारकों को अनुपातिक आधार पर अपने शेयर जारी और आवंटित करेगी।
- इंडोविदा इंडिया भारत में हाल ही में स्थापित एक कंपनी है और यह इंडोरामा नीदरलैंड्स बीवी (आईएनबीवी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
- इंडोविदा इंडिया और आईएनबीवी, दोनों इंडोरामा वेंचर्स पब्लिक कंपनी लिमिटेड (आईवीएल) और उसकी सहयोगी कंपनियों के समूह यानी आईवीएल समूह का हिस्सा हैं।
- आईवीएल समूह एक वैश्विक कारोबारी समूह है, जिसकी व्यावसायिक गतिविधियां फाइबर, पैकेजिंग, रीसाइक्लिंग और विशेष रसायनों जैसे क्षेत्रों में फैली हुई हैं।
- दूसरी ओर, ईपीएल लिमिटेड भारत स्थित एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग उत्पादों के निर्माण और बिक्री के व्यवसाय में लगी हुई है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265619®=3&lang=1
