प्रश्न – आधार सुशासन पोर्टल के संबंध में विकल्प में कौन -सा तथ्य सही नहीं है?
(a) 27 फरवरी, 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आधार प्रमाणीकरण अनुरोधों की स्वीकृति प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आधार सुशासन पोर्टल (Aadhaar Good Governance Portal) का शुभारंभ किया।
(b) इसका शुभारंभ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन द्वारा किया गया।
(c) इस पोर्टल का उद्देश्य आधार को अधिक जनोपयोगी बनाना, जीवन को सुगम बनाना और नागरिकों के लिए सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाना है।
(d) यह प्लेटफॉर्म सुशासन (सामाजिक कल्याण, नवाचार, ज्ञान) संशोधन नियम, 2024 के तहत आधार प्रमाणीकरण के बाद प्रभावी हुआ है।
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 27 फरवरी, 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आधार प्रमाणीकरण अनुरोधों की स्वीकृति प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आधार सुशासन पोर्टल (Aadhaar Good Governance Portal) का शुभारंभ किया।
- इसका शुभारंभ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन द्वारा किया गया।
- इस पोर्टल का उद्देश्य आधार को अधिक जनोपयोगी बनाना, जीवन को सुगम बनाना और नागरिकों के लिए सेवाओं तक पहुंच को सरल बनाना है।
- यह प्लेटफॉर्म सुशासन (सामाजिक कल्याण, नवाचार, ज्ञान) संशोधन नियम, 2025 के तहत आधार प्रमाणीकरण के बाद प्रभावी हुआ है।
- यह संशोधन आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) कानून, 2016 के तहत जनवरी, 2025 के अंत में अधिसूचित किया गया था।
- संशोधन के तहत, आधार संख्या धारकों को हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो, ई-कॉमर्स, शैक्षिक संस्थान और एग्रीगेटर सेवा प्रदाताओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सुगम सेवाएं मिलेंगी।
- पोर्टल एक संसाधन समृद्ध मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा, और प्रमाणीकरण चाहने वाली संस्थाओं के लिए विस्तृत एसओपी प्रदान करेगा कि कैसे आवेदन करें और आधार प्रमाणीकरण के लिए कैसे शामिल हों।
- निजी संस्थाओं के ग्राहक-संबंधी ऐप में भी फेस ऑथेंटिकेशन को एकीकृत किया जा सकता है, जिससे कहीं भी कभी भी ऑथेंटिकेशन संभव हो सकेगा।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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