प्रश्न – आईसीजीएस ‘अजीत’ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है।
(b) इसमें 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।
(c) इसकी अधिकतम गति 27 नॉट से अधिक तथा परिचालन क्षमता 1,500 समुद्री मील तक है।
(d) इसका संचालन 10 अधिकारियों और 45 नाविकों के दल द्वारा किया जाएगा।
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 25 अगस्त, 2026 को रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) ने स्वदेश निर्मित तेज गश्ती पोत आईसीजीएस ‘अजीत’ (यार्ड संख्या–1277) भारतीय तटरक्षक बल को औपचारिक रूप से सौंप दिया।
- इस पोत में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
- आईसीजीएस अजीत 51.43 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है।
- इसका ड्राफ्ट 2.5 मीटर तथा विस्थापन 330 टन है।
- यह दो समुद्री डीजल इंजनों से संचालित होता है, जो कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) को शक्ति प्रदान करते हैं।
- तेज गश्ती पोतों की इस श्रेणी में सीपीपी प्रणाली का प्रयोग पहली बार किया गया है।
- इससे पोत की प्रणोदन क्षमता और परिचालन प्रदर्शन बेहतर होगा।
- इस पोत में उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली भी स्थापित की गई है।
- यह पोत 27 नॉट से अधिक की अधिकतम गति प्राप्त करने और 1,500 समुद्री मील तक परिचालन करने में सक्षम है।
- इसका संचालन छह अधिकारियों और 35 नाविकों का दल करेगा।
- इसे मत्स्य क्षेत्रों की सुरक्षा, विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी, तटीय गश्त, तस्करी एवं समुद्री डकैती-रोधी कार्रवाई तथा खोज एवं बचाव अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।
- आईसीजीएस अजीत के परिचालन में आने से भारतीय तटरक्षक बल की तटीय एवं अपतटीय निगरानी क्षमता बढ़ेगी और भारत का समुद्री सुरक्षा तंत्र अधिक सुदृढ़ होगा।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2303209&lang=1®=48&utm_source=chatgpt.com