आईएस 19262: 2025 ‘इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टर – परीक्षण संहिता

प्रश्न – भारतीय मानक आईएस 19262:2025 – “इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टर – परीक्षण संहिता” के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह मानक इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों के लिए समान शब्दावली, सामान्य दिशानिर्देश एवं परीक्षण प्रक्रियाएँ निर्धारित करता है।
(b) इस मानक में पीटीओ शक्ति, ड्रॉबार शक्ति, बेल्ट-पुली प्रदर्शन, कंपन मापन एवं घटकों की जाँच से संबंधित परीक्षण शामिल हैं।
(c) यह मानक केवल पारंपरिक डीजल चालित कृषि ट्रैक्टरों के लिए लागू है और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों को इसके दायरे से बाहर रखता है।
(d) इस मानक के अंतर्गत उत्पन्न परीक्षण डेटा भविष्य में स्वीकृति मानदंड एवं अनुरूपता मूल्यांकन योजनाओं के विकास में सहायक होगा।
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 24 दिसंबर, 2025 को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2025 के अवसर पर भारतीय मानक आईएस 19262:2025 – “इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टर – परीक्षण संहिता” (Electric Agricultural Tractors — Test Code) जारी किया।
  • यह मानक भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और प्रदर्शन सुनिश्चित करने हेतु एक समान परीक्षण प्रोटोकॉल स्थापित करना है।
  • यह मानक इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों के लिए समान शब्दावली, सामान्य दिशानिर्देश, और परीक्षण प्रक्रियाएँ निर्धारित करता है।
  • इसमें पीटीओ (Power Take-Off) शक्ति, ड्रॉबार शक्ति, बेल्ट व पुली के प्रदर्शन के परीक्षणों के साथ-साथ कंपन मापन, विनिर्देशन सत्यापन, और विभिन्न घटकों की जाँच शामिल है।
  • यह मानक आईएस 5994: 2022 ‘कृषि ट्रैक्टर – परीक्षण संहिता’ तथा ऑटोमोटिव इंडस्ट्री मानकों से तकनीकी सहायता लेकर तैयार किया गया है, जिन्हें कृषि अनुप्रयोगों के अनुरूप अनुकूलित किया गया है।
  • इस मानक के कार्यान्वयन से देश में इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों का व्यापक अपनाने को बढ़ावा मिल सकता है।
  • यह स्वच्छ कृषि प्रौद्योगिकी में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, उत्सर्जन घटाएगा, तथा सतत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देगा।
  • आईएस 19262:2025 के अंतर्गत उत्पन्न वैज्ञानिक परीक्षण डेटा भविष्य में स्वीकृति मानदंड (Acceptance Criteria) और अनुरूपता मूल्यांकन योजना (Conformity Assessment Schemes) विकसित करने में सहायक होगा।
  • ये ट्रैक्टर बैटरी पैक से-संचालित मोटरों से चलते हैं और पारंपरिक डीजल इंजन के स्थान स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
  • इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का बढ़ता उपयोग न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगा, बल्कि डीजल खपत में कमी के माध्यम से भारत के कार्बन पदचिह्न को भी घटाएगा।
  • इस मानक के निर्माण में प्रमुख हितधारकों की सक्रिय एवं व्यापक सहभागिता रही।
  • इनमें इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माता, परीक्षण एवं प्रमाणन एजेंसियाँ, अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थान तथा कृषि अभियांत्रिकी और इलेक्ट्रिक गतिशीलता के क्षेत्र में कार्यरत तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
  • भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, आईसीएआर–केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल; केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुदनी; ट्रैक्टर एवं यंत्रीकरण संघ, नई दिल्ली; ऑटोमोटिव अनुसंधान संघ, पुणे; तथा अखिल भारतीय किसान संगठन, नई दिल्ली सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस मानक के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2209159&reg=3&lang=1