आईएनएस विशाखापत्तनम

प्रश्न-नवंबर‚ 2021 में आईएनएस विशाखापत्तनम को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। इस जहाज के संबंध में विकल्प में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) 21 नवंबर‚ 2021 को रक्षा मंत्री रजनाथ सिंह की उपस्थिति में आईएनएस विशाखापत्तनम को नेवल डॉकयार्ड‚ मुंबई में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
(b) आईएनएस विशाखापत्तनम एक पी 15 बी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वसंक है।
(c) इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड‚ मुंबई द्वारा निर्मित किया गया है।
(d) इसकी विस्थापन क्षमता 6500 टन है।
उत्तर—(d)
संबंधित तथ्य

  • 21 नवंबर‚ 2021 को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में आईएनएस विशाखापत्तनम को नेवल डॉकयार्ड‚ मुंबई में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
  • आईएनएस विशाखापत्तनम एक पी 15 बी (P15B) स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक है।
  • इसे स्वदेशी रूप से भारतीय नौसेना के इन-हाउस संगठन नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा डिजाइन किया गया है।
  • यह मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड‚ मुंबई द्वारा निर्मित है।
  • विशाखापत्तनम श्रेणी के चार में से पहले विध्वंसक के नौ सेना में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने का प्रतीक है।
  • आईएनएस विशाखापत्तनम की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर है।
  • इसकी विस्थापन क्षमता 74,00 टन है।
  • इस जहाज को एक कंबाइंड गैस एंड गैस (सीओजीएजी) विन्यास में चार शक्तिशाली गैस टर्बाइनों द्वारा संचालित किया जाता है।
  • यह 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है।
  • यह जहाज अत्याधुनिक हथियारों और सतह-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल और सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल सेंसर से लैस है।
  • यह एक आधुनिक रडार से सुसज्जित है‚ जो जहाज के तोपखाने की हथियार प्रणालियों को टारगेट डेटा प्रदान करता है।
  • पनडुब्बीरोधी युद्ध क्षमताएं स्वदेशी रूप से विकसित रॉकेट लांचर‚ टारपीडो लांचर और एएसडब्ल्यू हेलीकॉप्टरों द्वारा प्रदत्त की जाती हैं।
  • यह जहाज परमाणु‚ जैविक और रासायनिक (एनबीसी) युद्ध की स्थितियों में लड़ने में सक्षम है।
  • आईएनएस विशाखापत्तनम के कुछ प्रमुख स्वदेशी उपकरण/सिस्टम में कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम‚ रॉकेट लांचर‚ टॉरपीडो ट्यूब लांचर‚ इंटीग्रेटेड प्लेप्टफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम‚ ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम‚ फोल्डेबल हैंगर्स डोर्स‚ हेलो ट्रैवर्सिंग सिस्टम‚ क्लोज-इन वेपन सिस्टम और बो माउंटेड सोनार शामिल हैं।
  • पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक शहर विशाखापत्तनम ‘द सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम पर इस जहाज में लगभग 315 कर्मी हैं।
  • यह जहाज नेविगेशन और डायरेक्शन विशेषज्ञ कैप्टन वीरेंद्र सिंह बैंस की कमान से होगा।
  • हिंद महासागर में बदलते समीकरणों के साथ यह जहाज अपने कार्यों और लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु भारतीय नौसेना की गतिशीलता पहुंच और लचीलेपन को बढ़ाएगा।

लेखक-विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1773700