अफ्रीका के पाँच देशों में पोलियो वायरस टाइप-2 का प्रकोप समाप्त

प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

  1. अगस्त 2026 में डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका क्षेत्रीय कार्यालय ने पाँच अफ्रीकी देशों में पोलियो वायरस टाइप-2 के प्रकोप की समाप्ति की पुष्टि की।
  2. इन पाँच देशों में बुरुंडी, घाना, गिनी-बिसाऊ, कांगो गणराज्य और युगांडा शामिल हैं।
  3. स्वतंत्र प्रकोप प्रतिक्रिया आकलन दल (OBRA) ने जनवरी से जून 2026 के बीच इन देशों में तकनीकी आकलन किया।
  4. प्रकोप की समाप्ति की घोषणा का अर्थ है कि इन देशों में पोलियो वायरस के दोबारा प्रवेश की कोई आशंका नहीं है।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2
    (b) केवल 2, 3 और 4
    (c) केवल 1, 2 और 3
    (d) 1, 2, 3 और 4
    उत्तर – (c)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 19 अगस्त, 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अफ्रीका क्षेत्रीय कार्यालय ने बुरुंडी, घाना, गिनी-बिसाऊ, कांगो गणराज्य और युगांडा में पोलियो वायरस टाइप-2 के प्रकोप समाप्त होने की पुष्टि की।
  • जनवरी से जून, 2026 के बीच स्वतंत्र प्रकोप प्रतिक्रिया आकलन दल (Outbreak Response Assessment) ने पाँचों देशों में रोग निगरानी, प्रयोगशाला क्षमता, महामारी विज्ञान संबंधी आँकड़ों, टीकाकरण अभियानों और जनसंख्या प्रतिरक्षा का तकनीकी मूल्यांकन किया।
  • आकलन में इन देशों में पोलियो वायरस का प्रसार रुकने की पुष्टि हुई।
  • कांगो गणराज्य में पोलियो वायरस का अंतिम मामला दिसंबर, 2023 में दर्ज किया गया था।
  • इसके बाद उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी और टीकाकरण बढ़ाया गया।
  • बुरुंडी में मार्च, 2023 में प्रकोप घोषित होने के बाद नियमित टीकाकरण, पर्यावरणीय निगरानी और महामारी विज्ञान संबंधी जाँच को सुदृढ़ किया गया।
  • युगांडा में मई, 2024 में वायरस पहचान के बाद राष्ट्रीय एवं उप-राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और प्रकोप-रोधी गतिविधियाँ तेज की गईं।
  • घाना ने प्रयोगशाला क्षमता बढ़ाने के साथ प्रभावी रोग निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर बल दिया।
  • गिनी-बिसाऊ में जुलाई, 2021 के बाद पोलियो वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
  • वहाँ वंचित एवं दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों तक पहुँचने के लिए लक्षित टीकाकरण अभियान चलाए गए।
  • इन देशों ने तीव्र पक्षाघात और पर्यावरणीय निगरानी प्रणालियों को मजबूत किया तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली एवं भू-स्थानिक तकनीक की सहायता से छूटी हुई बस्तियों और आबादी की आवाजाही का मानचित्रण किया।
  • इससे सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में बच्चों तक टीके पहुँचाने में सहायता मिली।
  • डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि प्रकोप की समाप्ति का अर्थ खतरे का पूरी तरह समाप्त होना नहीं है।
  • वायरस के दोबारा प्रवेश की आशंका बनी हुई है।
  • इसलिए उच्च टीकाकरण कवरेज, संवेदनशील रोग निगरानी, सामुदायिक सहभागिता और त्वरित प्रकोप प्रतिक्रिया को निरंतर बनाए रखना आवश्यक है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.afro.who.int/news/five-african-countries-end-polio-outbreaks