प्रश्न – एनसीसी की अखिल भारतीय बालिका उच्च-ऊंचाई दुर्गम पदयात्रा ‘अपराजिता–परंग ला 2026’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- यह लगभग 250 किमी लंबा और 30 दिवसीय अभियान है, जिसमें 28 महिला एनसीसी कैडेट भाग ले रही हैं।
- परंग ला दर्रा हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है।
- अभियान का नेतृत्व केवल भारतीय थलसेना की तीन महिला अधिकारी कर रही हैं।
- अंतिम दल का चयन भाबा–पिन घाटी क्षेत्र में तैयारी एवं ऊंचाई-अनुकूलन प्रशिक्षण के बाद योग्यता के आधार पर किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 2 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 18 अगस्त, 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली से एनसीसी की अखिल भारतीय बालिका उच्च-ऊंचाई दुर्गम पदयात्रा ‘अपराजिता–परंग ला 2026’ को हरी झंडी दिखाई।
- यह 30 दिवसीय अभियान लगभग 250 किमी की दूरी तय करेगा।
- इसमें 28 महिला एनसीसी कैडेट भाग ले रही हैं, जिनकी औसत आयु 19 वर्ष है।
- दल का नेतृत्व थलसेना, नौसेना और वायुसेना की तीन महिला अधिकारी करेंगी।
- यह अभियान परंग ला दर्रे से होकर गुजरेगा, जिसकी ऊंचाई 5,578 मीटर (18,300 फीट) है।
- परंग ला दर्रा हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है।
- प्रमुख पड़ावों में किब्बर, दुमला, थलटक, बोंगरोजेन, डाक कारज़ोंग, नोर्बू सुम्दो, कियांगडोम और कोरज़ोक शामिल हैं।
- मार्ग में उच्च-ऊंचाई वाले शीत मरुस्थल, हिमनद, हिमक्षेत्र और नदी घाटियां आती हैं।
- यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
- पहले भाबा–पिन घाटी क्षेत्र में तैयारी एवं ऊंचाई-अनुकूलन प्रशिक्षण दिया गया; तत्पश्चात योग्यता के आधार पर अंतिम दल चुना गया।
- इसका उद्देश्य महिला कैडेटों में नेतृत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास, टीमवर्क, सहनशक्ति, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2300799&lang=2®=48