स्वच्छ सर्वेक्षण-2017

Swachh Survekshan – 2017

प्रश्न-4 मई, 2017 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ के परिणाम जारी किए। इससे संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
(i) स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है।
(ii) शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में गुजरात के सर्वाधिक 12 शहर शामिल हैं।
(iii) इस सूची में महाराष्ट्र का भुसावल सबसे अस्वच्छ शहर हैं।
(iv) शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में उत्तर प्रदेश का मात्र एक शहर वाराणसी 32 वें स्थान पर है।
निम्न कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं-

(a) केवल (i) और (iv)
(b) केवल (i), (ii) और (iv)
(c) केवल (i),(ii) और (iii)
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर-(b)
संबंधित तथ्य

  • 4 मई, 2017 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ के परिणाम जारी किए।
  • ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ के अनुसार, मध्य प्रदेश का इंदौर शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर है।
  • जबकि गत वर्ष (2016) के सर्वेक्षण में कर्नाटक का मैसूरु देश का सबसे स्वच्छ शहर था।
  • इस वर्ष के सर्वेक्षण में स्वच्छता और स्वास्थ्य के संबंध में प्रमुख 10 शहरों की श्रेणी में इंदौर के बाद क्रमशः भोपाल (मध्य प्रदेश), विशाखापत्तनम (विजाग) (आंध्र प्रदेश), सूरत (गुजरात), मैसूरु (कर्नाटक), तिरूचिरापल्ली (तमिलनाडु), नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (दिल्ली), नवी मुंबई (महाराष्ट्र), तिरूपति (आंध्र प्रदेश) तथा बड़ोदरा (गुजरात) शामिल हैं।
  • ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’ के अनुसार, उत्तर प्रदेश का गोंडा सबसे अस्वच्छ शहर है। जबकि गतवर्ष धनबाद सबसे अस्वच्छ शहर था।
  • इस सूची में निचले पायदान के 10 प्रमुख शहरों में गोंडा के बाद क्रमशः भुसावल (महाराष्ट्र), बगहा (बिहार), हरदोई (उत्तर प्रदेश), कटिहार (बिहार), बहराइच (उत्तर प्रदेश), मुक्तसर (पंजाब), अबोहर (पंजाब), शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), खुर्जा (उत्तर प्रदेश) तथा हापुड़ (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
  • गुजरात के 12, मध्य प्रदेश के 11 और आंध्र प्रदेश के 8 शहर शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में शामिल हैं।
  • इस सूची में शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में उत्तर प्रदेश का एकमात्र शहर वाराणसी 32वें स्थान पर है।
  • इस सूची में उत्तरप्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में अलीगढ़ 145वें, झांसी 166वें, कानपुर 175वें, सहारनपुर 245वें, जौनपुर 246वें, इलाहाबाद 247वें, आयोध्या 252वें, आगरा 263वें तथा लखनऊ 269वें स्थान पर हैं।
  • उल्लेखनीय है कि शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जनवरी-फरवरी, 2017 में कराए गए स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 का उद्देश्य शहरों और कस्बों को खुले में शौच से मुक्त कराने और नगर पालिका के ठोस कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार के बारे में जानकारी हासिल करना है।
  • सर्वेक्षण करने वाली भारतीय गुणवत्ता परिषद ने 434 शहरों और कस्बों में 17500 स्थानों पर आकलन के लिए 421 मूल्यांकनकर्ता तैनात किए थे।

संबंधित लिंक
http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=60766
http://pibphoto.nic.in/documents/rlink/2017/may/p20175401.pdf
http://pib.nic.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=161527

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