सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019

प्रश्न-5 अगस्त, 2019 को सरोगेसी को देश में वैधानिक मान्यता देने तथा वाणिज्यिक सरोगेसी को प्रतिबंधित करने हेतु सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 लोक सभा में पारित हुआ। इससे संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
(i) संतान पैदा करने में असमर्थ विवाहित भारतीय दंपति को नैतिक सरोगेसी के इस्तेमाल की अनुमति होगी।
(ii) जिस महिला को सरोगेट मां बनाया जाएगा, उसका भारतीय नागरिक तथा संतान चाहने वाले दंपति का निकट संबंधी होना अनिवार्य नहीं है।
(iii) विधेयक के तहत नियमों का उल्लंघन होने पर 10 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं-

(a) केवल (i) एवं (iii)
(b) केवल (i) एवं (ii)
(c) केवल (ii) एवं (iii)
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य

  • 5 अगस्त, 2019 को सरोगेसी (किराए की कोख) को देश में वैधानिक मान्यता देने तथा वाणिज्यिक सरोगेसी को प्रतिबंधित करने हेतु सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 लोक सभा में पारित हुआ।
  • विधेयक वाणिज्यिक सरोगेसी पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन परोपकारी सरोगेसी की अनुमति देता है।
  • विधेयक में प्रावधान है कि संतान पैदा करने में असमर्थ विवाहित भारतीय दंपति को नैतिक सरोगेसी के इस्तेमाल की अनुमति होगी।
  • विधेयक में NRI दंपतियों को भी शामिल किया गया है, लेकिन विदेशी नागरिकों के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
  • विवाहित दंपति में महिला की उम्र 23 से 50 वर्ष के बीच तथा पुरुष की 26 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • विवाह को कम से कम 5 वर्ष बीत जाने के बाद ही वे सरोगेसी का इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • जिस महिला को सरोगेट मां बनाया जाएगा, उसका भारतीय नागरिक तथा संतान चाहने वाले दंपति का निकट संबंधी होना अनिवार्य होगा।
  • वह महिला कभी न कभी शादीशुदा रही हो और उसकी अपनी संतान हो चुकी हो।
  • सरोगेट मां की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच होना आवश्यक है।
  • विधेयक में सरोगेट मां का शोषण रोकने तथा सरोगेट बच्चों के अधिकार तय करने का भी प्रावधान है।
  • सरोगेसी प्रक्रिया से जन्में बच्चे को संतान चाहने वाले दंपति का जैविक बच्चा माना जाएगा।
  • सरोगेट बच्चे के गर्भपात के लिए सरोगेट मां की लिखित सहमति की आवश्यकता होगी।
  • विधेयक में नियमों का उल्लंघन होने पर अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • विधेयक में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सरोगेसी बोर्डों के गठन का उपबंध करता है।
  • वाणिज्यिक सरोगेसी यूक्रेन, रूस और अमेरिका के कैलीफोर्निया प्रांत में यह वैध है।

लेखक-विवेक कुमार त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.thehindu.com/news/national/lok-sabha-passes-surrogacy-bill/article28824277.ece
http://www.prsindia.org/billtrack/surrogacy-regulation-bill-2019
https://www.timesnownews.com/health/article/explained-the-surrogacy-regulation-bill-all-you-need-to-know-eligibility-criteria-offences-penalties/459616

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