समुद्रयान परियोजना-गहरे समुद्र में खनिज का खनन

Samudrayaan project
प्रश्न-अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरण की ओर से भारत को अन्वेषण हेतु Central Indian Ocean Basin में कितने वर्ग किमी. का क्षेत्र आवंटित किया गया है-
(a) 25,000 वर्ग किमी.
(b) 40,000 वर्ग किमी.
(c) 60,000 वर्ग किमी.
(d) 75,000 वर्ग किमी.
उत्तर-(d)
संबंधित तथ्य
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय गहरे समुद्र से खनिजों के खनन एवं अन्वेषण हेतु समुद्रयान परियोजना शुरू करेगा। यह परियोजना इसरो के महत्वाकांक्षी मिशन गगनयान के अनुरूप है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने का मिशन है।
  • समुद्रयान परियोजना के क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा National Institute of Ocean Technology चेन्नई को सौंपा गया है।
  • समुद्रयान परियोजना की सफलता से भारत महासागरों से खनिज पदार्थ निकालने वाले विकसित देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।
  • गहरे समुद्र से खनिज के खनन हेतु चीन, यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, जापान आदि देश शामिल हैं।
  • भारत इस तरह का मिशन शुरू करने वाला पहला विकासशील देश है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुद्री प्राधिकरण की ओर से भारत को अन्वेषण हेतु सेंट्रल इंडियन ओशन बेसिन में 75,000 वर्ग किमी. का क्षेत्र आवंटित किया गया है।
  • आवंटित क्षेत्र में बहुधात्विक पिंड (Polymetallic Nodules) की अनुमानित मात्रा 380 मिलियन टन है, जो 92.59 मिलियन टन मैंगनीज, 4.29 मिलियन टन तांबा, 4.7 मिलियन टन निकेल एवं 2.55 मिलियन टन कोबॉल्ट से युक्त है।

लेखक-आर.के. चौरसिया

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.livemint.com/news/india/india-to-join-developed-nations-in-ocean-studies-with-samudrayaan-project-1567353695501.htmlv

https://www.ndtv.com/india-news/after-lunar-mission-india-to-venture-deep-into-sea-with-samudrayaan-2093994

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