सतत नाइट्रोजन प्रबंधन पर कोलंबो घोषणा

प्रश्न-सही कथन का चुनाव कीजिए-
कथन (A) : हाल ही में श्रीलंका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों ने नाइट्रोजन चुनौती से निबटने के लिए कोलंबो घोषणा-पत्र को अपनाया।
कारण (B) : इस घोषणा-पत्र का लक्ष्य वर्ष 2030 तक नाइट्रोजन कचरे को आधा करना है।
(a) कथन (A) और कारण (B) दोनों सही हैं तथा कारण (B) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) कथन (A) और कारण (B) दोनों सही हैं, परंतु कारण (B) कथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) कथन (a) है, परंतु कारण (b) गलत है।
(d) कथन (A) गलत है, परंतु कारण (B) सही है।
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य
  • 24 अक्टूबर, 2019 को श्रीलंका के नेतृत्व में, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों ने नाइट्रोजन चुनौतियों पर कार्रवाई के लिए एक प्रस्तावित रोडमैप का समर्थन किया है, जिसे सतत नाइट्रोजन प्रबंधन पर ‘‘कोलंबो घोषणा’’ कहा जाता है।
  • इस घोषणा का उद्देश्य वर्ष 2030 तक नाइट्रोजन कचरे को आधा करना है।
  • कोलंबो घोषणा को अंतरराष्ट्रीय नाइट्रोजन प्रबंधन प्रणाली (INMS), यूनेप (UNEP) की संयुक्त गतिविधि और वैश्विक पर्यावरण सुविधा द्वारा समर्थित अंतरराष्ट्रीय नाइट्रोजन पहल के तकनीकी समर्थन के साथ विकसित किया गया है।
  • ‘‘जीवन के लिए नाइट्रोजन’’ (Nitrogen for Life) नामक स्थायी नाइट्रोजन प्रबंधन पर अभियान शुरू किया जाना है।
  • यह अभियान सतत नाइट्रोजन प्रबंधन प्रस्ताव (Sustainable Nitrogen Management Resolution) से उपजा है, जिसे कीनिया स्थित नैरोबी के यूनेप (UNEP) मुख्यालय में 11-25 मार्च, 2019 के बीच संपन्न संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के चौथे सत्र के दौरान अपनाया गया था।
  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम एक अग्रणी वैश्विक पर्यावरण प्राधिकरण है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण आयाम के सुसंगत कार्यान्वयन को बढ़ावा देता है।
  • इसका मिशन भविष्य की पीढ़ियों के साथ समझौता किए बिना जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए राष्ट्रों और लोगों को प्रेरित, सूचित और सक्षम करके पर्यावरण की देखभाल करने में नेतृत्व प्रदान करना और साझेदारी को प्रोत्साहित करना है।

लेखक-वृषकेतु राय

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.unenvironment.org/news-and-stories/press-release/colombo-declaration-calls-tackling-global-nitrogen-challenge

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