भारत स्थित न्यूट्रिनो वेधशाला परियोजना

प्रश्न- भारत स्थित न्यूट्रिनो वेधशाला परियोजना के संबंध में निम्नलिखित तथ्यों पर विचार कीजिए-
(i) इस परियोजना के तहत तमिलनाडु में एक  विश्वस्तरीय भूमिगत प्रयोगशाला बनाई जानी है।
(ii) इस प्रयोगशाला में प्राथमिक कण-‘न्यूट्रिनों’ पर बुनियादी शोध होगा।
(iii) इस परियोजना में परमाणु ऊर्जा विभाग नोडल एजेंसी है।
उपर्युक्त तथ्यों में कौन-सा/से कथन सही  है/हैं,नीचे दिए गए कूट से उत्तर चुनिए-
(a) केवल (i) व (ii)
(b) केवल (ii) व (iii)
(c) उपर्युक्त में से कोई नहीं
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर-(d)
संबंधित तथ्य

  • 20 फरवरी, 2015 को परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा ‘भारत स्थित न्यूट्रिनो वेधशाला’ (India-based Neutrino Observatory-INO) परियोजना के बारे में विज्ञप्ति जारी की गई।
  • ध्यातव्य है कि इस परियोजना की स्थापना हेतु अनुमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 5 जनवरी, 2015 को ही प्रदान कर दी थी।
  • यह परियोजना एक भूमिगत प्रयोगशाला बनाए जाने से संबंधित है।
  • इस परियोजना के तहत लगभग 1200 मीटर ऊँची चट्टान से ढकी एक विश्वस्तरीय भूमिगत प्रयोगशाला बनायी जानी है।
  • 1500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में भूमिगत प्रयोगशाला में 132 मी.× 26 मी.×20 मी. आकार का एक बड़ा गुफानुमा क्षेत्र और कई छोटे-छोटे गुफानुमा क्षेत्र होंगे, जहां पर एक 1900मी. लंबी और 7.5 मी. चौड़ी सुरंग के रास्ते पहुंचा जा सकेगा।
  • आईएनओ (INO) का उद्देश्य प्राथमिक कण ‘न्यूट्रिनो’ (Neutrino) पर बुनियादी अनुसंधान (Basic Research) करना है।
  • इस परियोजना के तहत भूमिगत प्रयोगशाला तमिलनाडु प्रांत के थेनी जिले के अंतर्गत पोट्टीपुरम गांव में बोदी पश्चिम पहाड़ी (Bodi West Hills) पहाड़ी पर बनायी जानी है।
  • इसके अतिरिक्त, उच्च ऊर्जा भौतिकी के लिए अंतर-संस्थानिक केंद्र (Inter-Institutional Centre for High Energy Physics) भी तमिलनाडु के मदुरै शहर में स्थापित किया जाएगा। इस संस्थान से भूमिगत प्रयोगशाला का संचालन किया जाएगा।
  • इसके साथ ही भारत सरकार ने 50 किलोटन चुंबकीय क्षमता वाले आयरन कैलोरीमीटर संसूचक (Iron Calorimeter Detector-ICAL) की स्वीकृति प्रदान की है। इसके द्वारा ‘न्यूट्रिनो’ के गुणों का अध्ययन किया जाएगा।
  • परमाणु ऊर्जा विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से संयुक्त रूप से समर्पित इस वेधशाला परियोजना में परमाणु ऊर्जा विभाग नोडल एजेंसी है।
  • बहु-संस्थागत प्रयास से संचालित इस परियोजना से वर्तमान में पूरे देश से 21 शोध संस्थान, विश्वविद्यालय और आईआईटी संबद्ध हैं।
  • यह प्रयोगशाला पूरी तरह से विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में विकसित की जाएगी। इसके द्वारा अन्य अध्ययनों जैसे-भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, भूविज्ञान इत्यादि के अध्ययनों के लिए गहराई में विद्यमान विशिष्ट परिस्थितियों का उपयोग किया जाएगा।
  • इस परियोजना के द्वारा पूरे देश में, विशेषकर तमिलनाडु के मदुरै और थेनी जिलों के आस-पास बुनियादी वैज्ञानिक अनुसंधान में रुचि बढ़ाने की आशा की गई है।
  • इस परियोजना के माध्यम से विज्ञान के छात्रों को‘कण भौतिकी’(Particle Physics) के क्षेत्र में नवीनतम शोध आरंभ करने का अवसर उपलब्ध होगा।
  • इस परियोजना के तहत निर्मित होने वाली आईएनओ (INO) से किसी तरह के रेडियो ऐक्टिव या विषाक्त तत्व निःसृत नहीं होंगे।
  • यह न तो कोई शस्त्रास्त्र (Weapon) प्रयोगशाला है और न ही इसका कोई रणनीतिक या रक्षा अनुप्रयोग होगा।
    न्यूट्रिनो (Neutrino)
  • न्यूट्रिनो लेप्टान वर्ग (Lepton Family) से संबंधित मूलभूत कण (Elementary Particle) है।
  • न्यूट्रिनो की तीन प्रजातियां हैं जो इलेक्ट्रॉन (Electron), म्यूऑन (Muon) और टाऊ (Tuo) से संबद्ध हैं। इलेक्ट्रॉन सर्वाधिक ज्ञात (Familiar) परमाणु-कण (Atom-Particle) है, शेष दो इलेक्ट्रॉन के ही कजिन (Cousin) हैं और ये दोनों इलेक्ट्रॉन से क्रमशः 200 गुना और 3500 गुना भारी हैं।
  • इन तीनों कणों के अपने एक-एक न्यूट्रिनो पार्टनर (साथी) होते हैं, जिन्हें‘इलेक्ट्रॉन-न्यूट्रिनो,म्यूऑन-न्यूट्रिनो’और‘टाऊ-न्यूट्रिनो’कहते हैं। न्यूट्रिनो की यही तीन प्रजातियां है।
  • कण भौतिकी (Particle Physics) के मानक मॉडल (Standard Model) के अनुसार, ‘न्यूट्रिनो’ द्रव्यमान रहित (Mass Less) हैं, जबकि नवीनतम प्रयोग इंगित करते हैं कि ये आवेश रहित (Charge Netural) मूलभूत कण हैं। इनमें बहुत कम परन्तु निश्चित द्रव्यमान होता है जो अभी तक अज्ञात है।
  • जब न्यूट्रिनों चलायमान (Propagate/Travel) होते हैं, तो वे एक रूप से दूसरे रूप में बदलते रहते हैं।
  • न्यूट्रिनों के द्रव्यमान और मिश्रित मापकों का निर्धारण वर्तमान भौतिकी में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण खुली चुनौतियों में से एक है।
  • ‘न्यूट्रिनो’से जुड़ी इन्हीं खुली चुनौतियों का समाधान करने और उसके बारे में कई अनुत्तरित प्रश्नों के जवाब ढूढ़ने के लिए यह परियोजना आरंभ की जा रही है।

संबंधित लिंक भी देखें…
http://www.ino.tifr.res.in/ino/
http://pib.nic.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=115643
http://www.imsc.res.in/~ino/Faq/inofaq_bwh.pdf
http://en.wikipedia.org/wiki/Neutrino

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