देश के 5 सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा

प्रश्न-4 सितंबर, 2019 को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के 5 सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया। इनमें से कौन-सा संस्थान शामिल नहीं है?
(a) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
(b) इलाहाबाद विश्वविद्यालय
(c) आईआईटी मद्रास
(d) दिल्ली विश्वविद्यालय
उत्तर-(b)
संबंधित तथ्य
  • 4 सितंबर, 2019 को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने देश के 5 सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान (IOE: Institutions of  Eminence) का दर्जा दिया।
  • मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और सरकार द्वारा गठित एक अधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति की सलाह के बाद यह निर्णय लिया।
  • मंत्रालय द्वारा सरकारी क्षेत्र के जिन 5 उच्च शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान (IoE) का दर्जा दिया गया है। वे इस प्रकार हैं-

(i) आईआईटी खड़गपुर

(ii) आईआईटी मद्रास

(iii) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय

(iv) दिल्ली विश्वविद्यालय

(v) हैदराबाद विश्वविद्यालय

  • इसके अलावा, मंत्रालय ने 5 निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को आशय के पत्र (Loe : Letter of Intent) जारी किए, कि वे उत्कृष्ट संस्थान के रूप में घोषित किए जाने हेतु अपनी तैयारी से अवगत कराएं।
  • ये संस्थान निम्न हैं-

(i) अमृता विश्वविद्यापीठम, तमिलनाडु

(ii) वेल्लौर प्रौद्योगिकी संस्थान, तमिलनाडु

(iii) जामिया हमदर्द, नई दिल्ली

(iv) कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान, ओडिशा

(v) भारती इंस्टीट्यूट, सत्य भारती फाउंडेशन, मोहाली (पंजाब)।

  • इसके अलावा मंत्रालय द्वारा 2 अन्य विश्वविद्यालयों शिव नाडार विश्वविद्यालय, उ.प्र. और ओ.पी. जिदंल विश्वविद्यालय के संदर्भ में राज्य सरकारों को पत्र लिखा गया है कि राज्य के तहत निजी विश्वविद्यालयों के रूप में इन विश्वविद्यालयों के दर्जे को समाप्त करने हेतु राज्य विधानसभा में कानून पारित करें, जिससे विख्यात संस्थान मान्य विश्वविद्यालयों के रूप में इनके बारे में विचार किया जा सके।
  • मंत्रालय ने दो राज्य विश्वविद्यालयों जादवपुर विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल और अन्ना विश्वविद्यालय, तमिलनाडु को भी अधिकार प्राप्त समिति द्वारा चयनित किया है, और राज्य सरकारों को उत्कृष्ट संस्थान योजना के तहत इनके योगदान के बारे में अवगत कराने को कहा है।
  • उत्कृष्ट संस्थान योजना के तहत, अब तक 16 संस्थानों को शामिल किया जा चुका है।
  • उत्कृष्ट संस्थान घोषित होने के लाभ
  • सरकारी संस्थानों को अधिकतम 1000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
  • संस्थानों के पास संपूर्ण शैक्षिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता होगी।
  • विदेशी उच्चतर शैक्षिक संस्थानों (शीर्ष 500 संस्थानों में) के साथ शैक्षिक तालमेल के मामले में सरकारी मंजूरियों की आवश्यकता नहीं होगी आदि।

लेखक-विवेक कुमार त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://mhrd.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/PR_IoEs.pdf

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.