केंद्र सरकार द्वारा ई-वीजा व्यवस्था को पयर्टन के अनुकूल बनाया गया

Government liberalizes the e-Visa regime making it more tourist friendly

प्रश्न-हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ई-वीजा व्यवस्था को पयर्टन के अनुकूल बनाया गया। अब ई-पर्यटक वीजा व्यवस्था कितने देशों के लिए लागू कर दी गई है?
(a) 160
(b) 170
(c) 166
(d) 150
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • 15 फरवरी, 2019 को पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाल ही में केंद्र सरकार ने ई-वीजा व्यवस्था में कई संशोधन कर इसे और उदार बनाते हुए पर्यटकों के और अधिक अनुकूल बनाया है।
  • महत्वपूर्ण संशोधन निम्नलिखित हैं-
  • ई-पर्यटक और ई-व्यापार वीजा के तहत भारत में प्रवास की अवधि ठहरने की शर्तों के अनुसार मल्टी एंट्री सहित अधिकतम 1 वर्ष है।
  • विदेशी नागरिक को अधिकतम तीन बार अनुमति देने के मौजूदा प्रतिबंध को भी हटा दिया गया है।
  • ई-पर्यटन वीजा में बदलाव
  • प्रत्येक यात्रा के दौरान ई-वीजा पर निरंतर प्रवास अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान के नागरिकों को छोड़कर ई-वीजा प्रदान किए जाने के पात्र सभी देशों के नागरिकों के मामले में 90 दिनों से अधिक नहीं होगा।
  • अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जापान के नागरिकों के मामले में प्रत्येक यात्रा के दौरान निरंतर प्रवास 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • सभी मामलों में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
  • ई-व्यापार वीजा में बदलाव
  • ई-वीजा प्रदान किए जाने के लिए पात्र सभी देशों के नागरिकों के मामले में प्रत्येक यात्रा के दौरान निरंतर प्रवास 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • 180 दिनों से कम अवधि के प्रवास पर किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
  • अन्य परिवर्तन
  • ई-वीजा 2 (दो) और नामित हवाई अड्डों (भुवनेश्वर और पोर्ट ब्लेयर) के माध्यम से प्रवेश के लिए वैध है ऐसे हवाई अड्डों की कुल संख्या बढ़ाकर 28 कर दी गई है।

लेखक-विवेक कुमार त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

http://pib.nic.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=188642

http://www.uniindia.com/govt-liberalizes-e-visa-regime-making-it-more-tourist-friendly/india/news/1500985.html

https://www.business-standard.com/article/news-cm/government-liberalizes-e-visa-regime-making-it-more-tourist-friendly-119021501036_1.html

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.