एलटीटीई

प्रश्न-मई, 2019 में केंद्र सरकार ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) पर लगे प्रतिबंध को तत्कालिक प्रभाव से और कितनी अवधि के लिए बढ़ा दिया है?
(a) 2 वर्ष
(b) 3 वर्ष
(c) 4 वर्ष
(d) 5 वर्ष
उत्तर-(d)
संबंधित तथ्य

  • केंद्र सरकार ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) पर लगे प्रतिबंध को तात्कालिक प्रभाव से और 5 वर्ष की अवधि के लिए बढ़ा दिया है।
  • इस संबंध में गृह मंत्रालय ने 14 मई, 2019 को अधिसूचना जारी की ।
  • एलटीटीई पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है।
  • जारी अधिसूचना के अनुसार एलटीटीई द्वारा जारी हिंसक और विघटनकारी गतिविधियां भारत के लिए हानिकारक हैं।
  • वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद भारत में एलटीटीई पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
  • लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) एक तमिल उग्रवादी संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 1976 में वेलुपिल्लई प्रभाकरन ने की थी।
  • यह एक प्रमुख उग्रवादी संगठन था। जो श्रीलंका के उत्तरी और उत्तरी पूर्वी क्षेत्रों में दो दशकों से अधिक समय तक सक्रिय था।
  • श्रीलंका में मई, 2009 में सेना द्वारा पराजित होने के बाद भी एलटीटीई ने ईलम (तमिलों के लिए अलग भूमि) की अवधारणा को नहीं छोड़ा है और यूरोप में फंड एकत्रित करने और प्रचार गतिविधियों के माध्यम से इस दिशा में काम कर रहा था।
  • इस संगठन का व्यापक प्रभाव भारत में विशेष रूप से तमिलनाडु में है।

लेखक-विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…
https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/government-extends-ban-on-ltte-by-five-years/articleshow/35170172.cms
https://www.rediff.com/news/report/govt-extends-ban-on-ltte-for-5-more-years/20190514.htm
https://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/ban-on-ltte-extended-for-five-years/article6012768.ece

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