सामयिक विषय: योजना/परियोजना

Muhafiz scheme

‘मुहाफिज’ योजना

प्रश्न-हाल ही में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा मुहाफिज योजना शुरू की गई। यह योजना किससे संबंधित हैं?
(a) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से
(b) संगठित क्षेत्र के श्रमिकों से
(c) महिलाओं की सुरक्षा से
(d) बच्चों की सुरक्षा से
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य

  • 8 जनवरी, 2018 को जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने हेतु मुहाफिज (संरक्षण) नामक योजना का शुभारंभ किया।
  • इस योजना का उद्देश्य इन श्रमिकों को संस्थागत सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
  • यह योजना मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू की गई है।
  • योजनान्तर्गत जम्मू-कश्मीर भवन और अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के साथ पंजीकृत भवन और लगभग तीन लाख श्रमिकों को आकस्मिक दुर्घटना, जीवन और विकलांगता बीमा के तहत कवर किया जाएगा।
  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए जेके बैंक के माइक्रोक्रेडिट लिंक्ड डेबिट कार्ड का अनावरण किया।
  • इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों हेतु बीमा योजना तथा श्रमिक कल्याण बोर्ड की वेबसाइट का शुभारंभ किया।
  • मुख्यमंत्री ने इन श्रमिकों के बच्चों को प्रदत्त मासिक छात्रवृत्ति की राशि 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की भी घोषणा की।

संबंधित लिंक
https://kashmirreader.com/2018/01/09/muhafiz-scheme-launched-cm-says-committed-to-welfare-of-marginalised-sections/
https://www.indiatoday.in/pti-feed/story/no-relief-for-construction-workers-under-muhafiz-scheme-citu-1130893-2018-01-09

Pipriach sugar mill and Mundakha sugar mill

पिपराईच चीनी मिल और मुंडेरवा चीनी मिल की अविवादित भूमि पर नई चीन मिल एवं को-जेनरेशन प्लांट की स्थापना का निर्णय

प्रश्न-हाल ही में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा किन दो जिलों में बंद पड़ी चीनी मिलों की अविवादित भूमि पर नई चीनी मिल एवं को-जेनरेशन प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया गया?
(a) बाराबंकी, जौनपुर
(b) फतेहपुर, फैजाबाद
(c) गोरखपुर, बस्ती
(d) बस्ती, महराजगंज
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • 9 जनवरी, 2018 को संपन्न उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में गोरखपुर जिले में बंद पिपराईच चीनी मिल और बस्ती जिले में बंद पड़ी मुंडेरवा चीनी मिल की अविवादित भूमि पर नई चीनी मिल और को-जेनरेशन प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया गया।
  • इन दोनों चीनी मिलों की अविवादित भूमि पर 5000 टी.सी.डी. की नई चीनी मिल एवं उसके अनुरूप को-जेनरेशन प्लांट की स्थापना की जाएगी।
  • उक्त दोनों परियोजना की स्थापना पर होने वाला व्ययभार शत-प्रतिशत ऋण के रूप में राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • राज्य मंत्रिमंडल की अनुमति के पश्चात एक वर्ष में दोनों स्थलों पर चीनी मिल एवं को-जेनरेशन प्लांट की स्थापना कर संचालन किया जाएगा।
  • चीनी मिल क्षेत्र के किसानों की समृद्धि, क्षेत्र का सर्वांगीण विकास, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा एवं प्रदेश का आर्थिक विकास होगा।
  • ज्ञातव्य है कि पिपराईच चीनी मिल (नवीन) के पास पर्यावरण अनापत्ति प्रमाण प्राप्त होने के बाद 1 वर्ष के अंदर आसवनी की स्थापना कर उसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

संबंधित लिंक
http://information.up.nic.in/View_Hindinews.aspx?id=900

Cabinet approves continuation of Members of Parliament Local Area Development Scheme beyond 12th Plan

सीसीईए ने एमपीलैड्स को 12वीं योजना से आगे जारी रखने की स्वीकृति दी

प्रश्न-हाल ही में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने संसद सदस्य क्षेत्रीय विकास योजना (MPLADS) को कब तक जारी रखने को अपनी स्वीकृति दी?
(a) 31 मार्च, 2019
(b) 31 मार्च, 2022
(c) 31 मार्च, 2020
(d) 31 मार्च, 2023
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • 10 जनवरी, 2018 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने संसद सदस्य क्षेत्रीय विकास योजना (MPLADS) को 12वीं योजना से आगे 14वें वित्त आयोग की कार्यावधि तक जारी रखने की स्वीकृति दी।
  • योजना को 3950 करोड़ रुपये के वार्षिक आवंटन तथा 11850 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ, अगले 3 वर्षों तक जारी रखने तथा मंत्रालय द्वारा राज्य/जिला स्तर पर अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि करने/उन्हें दिए जाने वाले प्रशिक्षण के प्रयोजनार्थ योजना में करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया।
  • एमपीलैड्स की निधियां नोडल जिला प्राधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजों के प्राप्त होने तथा एमपीलैड्स संबंधी दिशा-निर्देशों के प्रावधानों के अनुसार जारी की जाती हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत पेयजल, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा सड़कों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में स्थानीय रूप से महसूस की गई आवश्यकताओं के आधार पर टिकाऊ परिसपंत्तियों के सृजन से देश की संपूर्ण आबादी को लाभ मिलेगा।
  • ज्ञातव्य है कि एमपीलैड्स योजना केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1993-1994 में लांच की गई थी।
  • योजना प्रारंभ होने के बाद से अगस्त, 2017 तक एमपीलैड्स निधियों से 44,929.17 करोड़ रुपये के कुल 18,82,18, कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

संबंधित लिंक
http://pib.nic.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=175503

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