सामयिक विषय: रक्षा/विज्ञान संक्षिप्तिकी

India successfully test-fires Agni III missile

अग्नि-III प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण

प्रश्न-अग्नि-III के बारे में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए-
1. यह सतह से सतह पर मार करने वाला प्रक्षेपास्त्र है जिसका परास (रेंज) 3,000 किमी. से अधिक है।
2. यह एक द्विचरणीय प्रक्षेपास्त्र है और अपने साथ 1.5 टन वजनी युद्धशीर्ष ले जाने में सक्षम है।
3. सशस्त्र सेनाओं में इसकी तैनाती हो चुकी है।
4. इसका सफल परीक्षण भारतीय थल नौसेना द्वारा किया गया।
इन कथनों में से सही कथन है/हैं-

(a) केवल 1 तथा 2
(b)केवल 1, 2 तथा 4
(c) केवल 1, 2 तथा 3
(d)उपर्युक्त सभी
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • 27 अप्रैल, 2017 को नाभिकीय सक्षम बौलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-III’ का ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से सफल प्रायोगिक परीक्षण किया गया।
  • स्वदेश निर्मित इस मिसाइल को एकीकृत परीक्षण रेंज के प्रक्षेपण परिसर-4 से लांच किया गया।
  • अग्नि-III मिसाइल का सफल परीक्षण भारतीय थल सेना की ‘सामरिक बल कमान’ (SFC) द्वारा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों के तकनीकी पर्यवेक्षक के अधीन किया गया।
  • यह सतह से सतह पर मार करने वाला प्रक्षेपास्त्र है इसकी परास (रेंज) 3,000 किमी. से अधिक है।
  • अग्नि-III प्रक्षेपास्त्र द्विचरणीय ठोस प्रणोदक प्रणाली से लैस है।
  • इसकी लंबाई 17 मीटर, व्यास 2 मीटर और वजन करीब 2200 किलोग्राम है।
  • यह 1.5 टन वजनी युद्धशीर्ष (Warhead) ले जाने में सक्षम है।
  • उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सेनाओं में इसकी तैनाती वर्ष 2011 में हो चुकी है।
  • ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व 16 अप्रैल, 2015 को अग्नि-III प्रक्षेपास्त्र का परीक्षण सफलतापूर्वक हुआ था।

संबंधित लिंक
https://odishatv.in/odisha/body-slider/agni-iii-ballistic-missile-successfully-test-fired-from-balasore-209981/
http://economictimes.indiatimes.com/news/defence/india-test-fires-nuclear-capable-agni-iii-ballistic-missile/articleshow/58396268.cms
http://www.defencenews.in/article/India-successfully-test-fires-Agni-III-Ballistic-Missile-from-Odisha-Coast-251793
http://www.thenewsminute.com/article/india-successfully-test-fires-agni-iii-missile-61091

Joint Indian-French naval exercise 'Varuna' begins

संयुक्त द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘वरुण’

प्रश्न-अभी हाल ही में किन दो देशों की नौसेनाओं के मध्य संयुक्त द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘वरुण’ प्रारंभ हुआ?
(a) भारत एवं रूस
(b) भारत एवं अमेरिका
(c) भारत एवं फ्रांस
(d) भारत एवं ब्रिटेन
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • 24 अप्रैल, 2017 को भारत एवं फ्रांस की नौसेनाओं के मध्य संयुक्त द्विपक्षीय नौसेन्य अभ्यास, ‘वरुण’ फ्रांस के भूमध्य सागर तट के टुलॉन (Toulon) बंदरगाह पर प्रारंभ हुआ।
  • यह नौसैन्य अभ्यास 30 अप्रैल, 2017 तक चलेगा।
  • इस नौसैन्य अभ्यास में भारतीय नौसेना के जहाज लक्षित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मुंबई, राडार की नजर से बचने वाला पोत आईएनएस त्रिशूल और फ्लीट टैंकर आईएनएस आदित्य हिस्सा ले रहे हैं।
  • ये जहाज भारतीय नौसेना के भूमध्यसागर और अफ्रीका के पश्चिमी तट में तैनात पोतों का हिस्सा हैं।
  • ज्ञातव्य है कि संयुक्त द्विपक्षीय नौसेन्य अभ्यास ‘वरुण’ की शुरूआत वर्ष 2000 में हुई थी।
  • गतवर्ष (2016) यह अभ्यास भारतीय तट पर आयोजित किया गया था।

संबंधित लिंक
http://www.indiandefensenews.in/2017/04/india-france-carry-out-joint-naval.html
http://www.ndtv.com/india-news/india-france-carry-out-joint-naval-exercise-1685527
http://www.india.com/news/agencies/joint-indian-french-naval-exercise-varuna-begins-2063730/

Maiden Firing of Brahmos Land Attack Supersonic Cruise Missile

ब्रह्मोस लैंड अटैक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण

प्रश्न-हाल ही में किस सेना ने ब्रह्मोस लैंड अटैक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया?
(a) भारतीय थल सेना
(b) भारतीय नौसेना
(c) भारतीय तटरक्षक बल
(d) भारतीय वायु सेना
उत्तर-(b)
संबंधित तथ्य

  • 21 अप्रैल, 2017 को भारतीय नौसेना द्वारा ब्रह्मोस लैंड अटैक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Land Attack Supersonic Cruise Missile) का बंगाल की खाड़ी में सफल परीक्षण किया गया।
  • पोत से सतह पर मार करने वाले इस मिसाइल का परीक्षण भारतीय नौसेना के जहाज तेग (गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट) से किया गया।
  • इसके साथ ही भारतीय नौसेना विश्व की विशिष्ट नौसेनाओं में शामिल हो गई जिनके पास समुद्र से जमीन पर स्थित लक्ष्यों को मारने की क्षमता है।
  • इससे पूर्व केवल अमेरिका, रूस, चीन और ब्रिटेन के पास ही समुद्र से जमीन पर मार करने की क्षमता रही है।
  • इसके साथ ही भारतीय नौसेना को समुद्र से दुश्मन के इलाके में अंदर तक मार करने की क्षमता हासिल हो गई है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोनिया (NPO Mashinostroyenia) के संयुक्त उपक्रम ‘ब्रह्मोस एयरोस्पेस’ द्वारा किया गया।
  • इसके पोतरोधी (Antiship) संस्करण को पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है।
  • ज्ञातव्य है कि 11 मार्च, 2017 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के नवीन संस्करण का एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) चांदीपुर से सफल परीक्षण किया गया था।
  • इस नवीन संस्करण की मारक क्षमता 450 किमी. है।
  • यह मिसाइल 2.5 से 3.0 में मैक की गति से वार करने तथा अपने साथ 300 किग्रा. का युद्धशीर्ष (Warhead) ले जाने में सक्षम है।
  • उल्लेखनीय है कि यह मिसाइल विश्व की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है।
  • इसे जमीन हवा तथा युद्धपोत से छोड़ा जा सकता है।

संबंधित लिंक
https://www.indiannavy.nic.in/content/maiden-firing-brahmos-land-attack-supersonic-cruise-missile
http://www.thehindu.com/news/national/india-testfires-brahmos-missile/article17447222.ece

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